सुकमा। नक्सल प्रभावित और सुदूर सुकमा जिले की होनहार छात्रा योहाना ने अपनी प्रतिभा के दम पर उन लोगों को कड़ा जवाब दिया है जो संसाधनों की कमी को सफलता में बाधा मानते हैं। सीबीएसई कक्षा 10वीं की बोर्ड परीक्षा में योहाना ने 96.2 प्रतिशत अंक हासिल कर न केवल पूरे जिले में प्रथम स्थान प्राप्त किया है बल्कि सफलता का एक नया कीर्तिमान भी स्थापित कर दिया है। एक दूरस्थ क्षेत्र के विद्यालय में पढ़ाई करते हुए उन्होंने पुराने सभी रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिए हैं जो उनकी असाधारण मेहनत और एकाग्रता को दर्शाता है।
सुरक्षा बल और सुकमा के लिए गौरव का क्षण माता पिता दोनों सीआरपीएफ में तैनात
योहाना की यह उपलब्धि सुरक्षा बलों के परिवारों के लिए एक बड़ी प्रेरणा बनकर उभरी है क्योंकि उनके माता और पिता दोनों ही सीआरपीएफ में देश की सेवा कर रहे हैं। कठिन परिस्थितियों और चुनौतीपूर्ण माहौल के बीच योहाना के माता-पिता ने अपनी ड्यूटी के साथ-साथ बेटी की शिक्षा पर पूरा ध्यान दिया जिसका परिणाम आज पूरे जिले के सामने गौरव के रूप में है। योहाना ने यह साबित कर दिया है कि यदि इरादे मजबूत हों और संकल्प दृढ़ हो तो कोई भी बाधा मंजिल तक पहुंचने से नहीं रोक सकती।
जिले के विद्यार्थियों के लिए बनीं प्रेरणास्रोत मेहनत और लगन का दिखा जबरदस्त परिणाम
इस शानदार सफलता के बाद योहाना सुकमा जिले के सैकड़ों विद्यार्थियों के लिए एक नई उम्मीद और प्रेरणा का केंद्र बन गई हैं। उन्होंने न केवल अपने परिवार और स्कूल का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है बल्कि सुकमा जिले की छवि को भी एक नई सकारात्मक पहचान दी है। उनकी इस ऐतिहासिक जीत पर शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन ने भी खुशी जताई है क्योंकि एक सुदूर क्षेत्र से निकलकर टॉपर बनना अन्य बच्चों के भीतर भी प्रतियोगी परीक्षा और बेहतर शिक्षा के प्रति विश्वास जगाने का काम करेगा।