जच्चा-बच्चा मौत मामले में आदिवासी समाज ने खोला मोर्चा, निजी अस्पताल की जांच व सरकारी अस्पताल में सुविधाएं बढ़ाने की मांग

भानुप्रतापपुर। जच्चा-बच्चा मौत मामले को लेकर सर्व आदिवासी समाज भानुप्रतापपुर ने निजी अस्पताल पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। साथ ही शासकीय अस्पताल में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार करने के लिए प्रशासन को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर एवं एसडीएम के नाम नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया है कि निजी गौतम हॉस्पिटल में उपचार के दौरान द्रौपदी कोमरा एवं उसके नवजात शिशु की मृत्यु हो गई थी। घटना के 15 दिन बाद भी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने से समाज में आक्रोश व्याप्त है। समाज का आरोप है कि सोनोग्राफी रिपोर्ट में गर्भवती महिला के शरीर में पानी की कमी स्पष्ट होने के बावजूद समय पर सिजेरियन ऑपरेशन नहीं किया गया, जिसके कारण मां और बच्चे दोनों की जान चली गई।

सर्व आदिवासी समाज ने अस्पताल में कार्यरत चिकित्सकों एवं कर्मचारियों की योग्यता और उपलब्धता की जांच की मांग भी उठाई है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल अप्रशिक्षित एवं कम योग्य स्टाफ के भरोसे संचालित हो रहा है। समाज ने स्त्री रोग विशेषज्ञ, सर्जन, फिजिशियन, एनेस्थेटिस्ट, रेडियोलॉजिस्ट तथा प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की वास्तविक उपलब्धता की जांच कर आवश्यक दस्तावेजों का सत्यापन करने की मांग की है।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा गुमनाम एवं फर्जी पत्रों के माध्यम से शासकीय अस्पताल के आदिवासी चिकित्सकों तथा बीएमओ को बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है। समाज ने ऐसे तत्वों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।

सर्व आदिवासी समाज ने दोषी चिकित्सकों एवं गौतम हॉस्पिटल प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, अस्पताल का लाइसेंस निरस्त करने, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा दिलाने तथा भानुप्रतापपुर शासकीय अस्पताल में सात दिनों के भीतर सोनोग्राफी, एक्स-रे, स्त्री रोग विशेषज्ञ, सिविल सर्जन सहित सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की है।

समाज ने चेतावनी दी है कि यदि सात दिनों के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आदिवासी समाज उग्र आंदोलन, चक्काजाम एवं जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

ज्ञापन सौंपने के दौरान कृष्णा टेकाम, विष्णु कचलाम, सुनाराम तेता सहित बड़ी संख्या में समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे।

फोटो : जच्चा-बच्चा मौत मामले को लेकर ज्ञापन सौंपते सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी एवं सदस्य।

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