चारामा
महानदी क्षेत्र के किसानों की प्रमुख संस्था, महानदी किसान संघ, की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक ग्राम हाराडुला में शुक्रवार को संपन्न हुई। इस बैठक में महानदी क्षेत्र के सैकड़ों किसान शामिल हुए और कृषि से जुड़ी विभिन्न ज्वलंत समस्याओं पर गहन चर्चा की।
बैठक में किसानों ने मुख्य रूप से वर्तमान में धान की फसल की स्थिति और मौसम की अनिश्चितता पर चिंता व्यक्त की। किसानों ने बताया कि क्षेत्र के हर गांव में लगभग 500 से लेकर हजार एकड़ से भी अधिक धान की फसल पककर तैयार खड़ी है। ऐसे में मौसम लगातार खराब हो रहा है, जिससे फसल के खराब होने का बड़ा जोखिम पैदा हो गया है।
किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौती धान कटाई के लिए पर्याप्त संसाधनों की कमी है। क्षेत्र में स्थानीय स्तर पर धान काटने वाली मशीनें (हार्वेस्टर) उतनी संख्या में उपलब्ध नहीं हैं, जिससे इतने बड़े रकबे की समय पर कटाई हो सके।
इस गंभीर स्थिति को देखते हुए, महानदी किसान संघ ने बैठक में एक बड़ा और सामूहिक निर्णय लिया। संघ ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि क्षेत्र के किसानों के हित में, अन्य जिलों और क्षेत्रों से आने वाली बाहरी धान कटाई मशीनों (हार्वेस्टर) को भी महानदी क्षेत्र के गांवों में आने दिया जाए और उनसे धान कटाई का कार्य लिया जाए।

संघ ने इस बात पर जोर दिया कि फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है। इसलिए, समय पर धान की कटाई सुनिश्चित करना सबसे महत्वपूर्ण है।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि स्थानीय हार्वेस्टर मालिक और बाहर से आने वाले हार्वेस्टर संचालक, दोनों संगठन आपस में समन्वय बनाकर, मिल-जुलकर काम करें। संघ ने दोनों पक्षों से अपील की कि वे किसानों के समय और पैसे की बचत पर ध्यान दें और एक-दूसरे के कार्य में बाधा न डालें।
संवैधानिक अधिकारों का हवाला देते हुए, संघ ने स्पष्ट किया कि भारत का संविधान हर व्यक्ति को देश में कहीं भी काम करने का अधिकार देता है। ऐसे में, किसी भी स्थानीय संगठन द्वारा बाहरी मशीनों या श्रमिकों का विरोध करना पूरी तरह से गलत और अनुचित है। किसानों को अपनी सुविधा और फायदे के अनुसार किसी भी उपलब्ध संसाधन से कार्य लेने का अधिकार है। इसलिए, स्थानीय संघों को बाहरी मशीनों का विरोध करने के बजाय, क्षेत्र की आवश्यकताओं को समझते हुए उनका सहयोग करना चाहिए।
महानदी किसान संघ का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब मौसम की मार से डरे हुए किसान अपनी साल भर की मेहनत को बचाने के लिए जद्दोजहद कर रहे हैं। संघ ने उम्मीद जताई है कि इस निर्णय से क्षेत्र में धान की कटाई सुचारू रूप से हो सकेगी और किसानों को नुकसान से बचाया जा सकेगा।
बैठक में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी:
महानदी किसान संघ की इस महत्वपूर्ण बैठक में संघ के कई प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे:
अध्यक्ष: राजू राम नागराज, हाराडुला
संरक्षक: हीरामन रजक, श्री लक्ष्मण निषाद
उपाध्यक्ष: जीवन सिन्हा (तुवेगहन), श्री पुरषोत्तम साहू (हाराडुला), श्री संजय यादव (किलेपार), श्री योगेश मंडावी (किलेपार), श्री तोषण साहू (हाराडुला), श्री गोविन्द (तुएगहन), विष्णु (हरिकेश)
सचिव: यशवंत साहू (हाराडुला)
कोषाध्यक्ष: लक्ष्मीकांत सिन्हा (तुएगहन)
इसके अलावा, बैठक में सदस्यगण के रूप में बालाराम जुर्री (हाराडुला), यादवराम डडसेना लेखराम मेश्राम (हाराडुला), देवेन्द्र साहू (हाराडुला), रामरती कुंजाम (हाराडुला), विजय सोनवानी (हाराडुला), रामेश्वर ध्रुव (तुएगहन), राकेश सिन्हा (तुएगहन)पुष्पेन्द्र सिन्हा (तुएगहन), जोइधा साहू (हाराडुला), मनीष बघेल (हाराडुला), राजेन्द्र वाल्मीकि (हाराडुला), और श्री नरेश सिन्हा (हाराडुला) सहित अन्य किसान नेता उपस्थित थे।
रिपोर्टर: अनूप वर्मा