मिडिल ईस्ट यानी मध्य पूर्व के देशों में लंबे समय से चल रहा तनाव कम होने का सीधा असर अब भारत के बाजारों और व्यापार पर दिखने लगा है। केंद्र सरकार ने होटलों, रेस्तरां और व्यावसायिक जगहों पर इस्तेमाल होने वाले कमर्शियल पैक्ड एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई पर लगी सभी तरह की पाबंदियों को पूरी तरह से हटा दिया है। अमेरिका और ईरान के बीच एक नया शांति समझौता होने के बाद से दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्ता यानी होर्मुज जलडमरूमध्य दोबारा खुल गया है। इसी बड़ी राहत के चलते भारत सरकार ने देश में एलपीजी गैस की सप्लाई को संकट शुरू होने से पहले वाले सामान्य स्तर पर वापस लाने का एक बड़ा फैसला किया है।

आम जनता और छोटे व्यापारियों की भाषा में समझें तो कमर्शियल एलपीजी सिलिंडर उन बड़े गैस सिलिंडरों को कहा जाता है जिनका उपयोग घरों में खाना बनाने के बजाय बड़े होटलों, ढाबों, रेस्तरां और अलग-अलग फैक्ट्रियों में व्यावसायिक तौर पर किया जाता है। जब पिछले दिनों मिडिल ईस्ट में युद्ध के हालात बने थे, तब सरकार ने सुरक्षा और कमी को देखते हुए अलग-अलग क्षेत्रों के हिसाब से इन सिलिंडरों की आपूर्ति पर कुछ सीमाएं या पाबंदियां लगा दी थीं। लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात सुधरने के बाद होटल मालिकों और कैटरिंग का काम करने वाले व्यापारियों को पहले की तरह भरपूर गैस मिल सकेगी।
इस पूरी राहत के पीछे होर्मुज जलडमरूमध्य का खुलना सबसे बड़ी वजह है। आसान शब्दों में समझें तो यह समुद्र का एक बहुत ही संकरा और बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग यानी समुद्री रास्ता है, जो खाड़ी के देशों को आपस में जोड़ता है। दुनिया भर में सप्लाई होने वाले कच्चे तेल और एलपीजी गैस के बड़े-बड़े मालवाहक जहाजों को इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ता है। विवाद के चलते यह रास्ता ब्लॉक होने की कगार पर पहुंच गया था, जिससे भारत आने वाले जहाजों को लंबा चक्कर काटना पड़ रहा था और गैस की आवक प्रभावित हो रही थी। अब केंद्र सरकार के इस नए आदेश के बाद अलग-अलग सेक्टरों पर लगी रोक खत्म हो गई है, जिससे आने वाले दिनों में कमर्शियल गैस की किल्लत पूरी तरह खत्म हो जाएगी और बाजार मजबूत होगा।
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