समुद्र में ईरान की नई दादागीरी: ओमान और संयुक्त राष्ट्र के नए रूट पर मचा बवाल, जहाजों को उड़ाने की दी धमकी

दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक रास्ते यानी स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से एक बार फिर तनाव की खबर आ रही है। जंगबंदी यानी युद्ध रुकने के बाद यह रास्ता व्यापारिक जहाजों के लिए खुल तो गया है, लेकिन वहां टकराव का खतरा अभी कम नहीं हुआ है। गुरुवार को होर्मुज जलमार्ग से गुजर रहे एक तेल टैंकर को ईरानी नौसेना ने सीधे तौर पर चेतावनी दे दी। ईरान ने कहा कि तुम हमारी मिसाइल की रेंज में हो और हमारी नौसेना तुम पर कभी भी फायर कर सकती है। ईरान की इस नई धमकी के बाद खाड़ी देशों के इस समुद्री इलाके में माहौल एक बार फिर बेहद गरमा गया है।

दरअसल इस पूरे विवाद की नई वजह ओमान और संयुक्त राष्ट्र का एक बड़ा फैसला है। ओमान ने संयुक्त राष्ट्र की मदद से अपने तट के पास से जहाजों और तेल के बड़े टैंकरों को सुरक्षित निकालने के लिए एक नया समुद्री रास्ता चालू कर दिया है। इस नए रास्ते के शुरू होने से होर्मुज जलमार्ग में ईरान की मनमानी और दादागीरी पूरी तरह खत्म हो जाएगी। ओमान के इस कदम को अमेरिका का पूरा समर्थन हासिल है, लेकिन ईरान इस नए रास्ते से काफी चिढ़ा हुआ है। गुरुवार को संयुक्त राष्ट्र की समुद्री एजेंसी के बताए इसी नए मार्ग से स्टोइक वॉरियर जहाज की अगुवाई में कई तेल टैंकरों ने होर्मुज स्ट्रेट को सफलतापूर्वक पार किया।

आम पाठकों की भाषा में समझें तो स्ट्रेट ऑफ होर्मुज समुद्र का एक ऐसा संकरा और महत्वपूर्ण रास्ता है जहां से पूरी दुनिया के लिए कच्चे तेल की सप्लाई होती है। युद्ध से पहले यहां जहाज बीच समुद्र के रास्ते से आजाद होकर निकलते थे, जिसे ट्रैफिक सेपरेशन स्कीम कॉरिडोर यानी जहाजों के आने-जाने की मुख्य लेन कहा जाता है। लेकिन ईरान का दावा है कि फरवरी महीने में अमेरिका और इजरायल के हमले के बाद उसने उस पुराने मुख्य रास्ते पर बारूदी सुरंगें यानी समुद्र के भीतर छिपने वाले बम बिछा दिए थे। इसी खतरे से जहाजों को बचाने के लिए संयुक्त राष्ट्र ने ओमान के करीब से यह नया सुरक्षित वैकल्पिक मार्ग तैयार किया है जिसे ईरान मानने से इनकार कर रहा है।

इस नए रास्ते के खुलने से दुनिया की अर्थव्यवस्था पर से दबाव कम होगा और अमेरिका के साथ चल रही शांति वार्ता में ईरान की मोलभाव करने की क्षमता खत्म हो जाएगी। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने खाड़ी देशों के अपने दौरे पर साफ कहा कि वॉशिंगटन इस नए सुरक्षित रास्ते की पूरी सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है। फिलहाल इस नए रूट से जहाजों की आवाजाही थोड़ी बढ़ी है, लेकिन यह अभी भी युद्ध से पहले वाले सामान्य स्तर से काफी नीचे है। अच्छी बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत कुछ समय के लिए तिहत्तर डॉलर प्रति बैरल से भी नीचे आ गई है, जो इस बात का संकेत है कि बाजार को हालात सुधरने की उम्मीद है।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *