यूरोप में भीषण गर्मी का कहर: फ्रांस में कार में दम घुटने से दो मासूमों समेत 18 की मौत, इटली के 12 शहरों में रेड अलर्ट

यूरोप के कई बड़े देश इन दिनों भयंकर गर्मी और जानलेवा लू यानी हीटवेव की चपेट में हैं। फ्रांस, स्पेन, पुर्तगाल और इटली जैसे देशों में सूरज की तपिश लगातार नए रिकॉर्ड बना रही है। सबसे खराब हालात फ्रांस में देखने को मिल रहे हैं, जहां चिलचिलाती धूप और अत्यधिक तापमान के कारण अलग-अलग हादसों में अब तक 18 लोगों की जान जा चुकी है। इसमें सबसे दुखद घटना दक्षिण-पूर्वी फ्रांस से सामने आई है, जहां महज 2 और 4 साल के दो मासूम बच्चों की कार के भीतर दम घुटने से मौत हो गई। दोनों बच्चे खड़ी कार के अंदर बेहोश मिले थे, जिन्हें डॉक्टर भी नहीं बचा सके।

कई शहरों में टूटा सालों पुराना रिकॉर्ड, पेरिस में पारा 40 के पार जाने के आसार

फ्रांस के कई इलाकों में तापमान इस समय 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है। बोर्डो शहर में पारा 41.9 डिग्री, पोइटियर्स में 41.2 डिग्री और सेंटेस में तो तापमान 42 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। पोइटियर्स शहर में गर्मी का यह आलम है कि वहां साल 1947 का यानी करीब 79 साल पुराना रिकॉर्ड भी टूट गया है। देश की राजधानी पेरिस भी इस समय तप रही है और वहां तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है। मौसम के जानकारों का अनुमान है कि इस हफ्ते के अंत तक पेरिस में भी गर्मी 40 डिग्री के आंकड़े को पार कर जाएगी।

स्पेन और ब्रिटेन भी तप रहे, इटली ने जारी किया रेड अलर्ट

गर्मी का यह संकट केवल फ्रांस तक ही सीमित नहीं है। अमूमन ठंडे रहने वाले ब्रिटेन में भी पारा 39 डिग्री सेल्सियस तक जाने की आशंका जताई जा रही है, जो जून के महीने में वहां का अब तक का सबसे बड़ा रिकॉर्ड होगा। स्पेन का उत्तरी शहर सैन सेबेस्टियन, जिसे काफी ठंडा इलाका माना जाता है, वहां भी तापमान 40 डिग्री तक पहुंचने के आसार हैं। हालात की गंभीरता को देखते हुए इटली सरकार ने अपने 12 प्रमुख शहरों में रेड अलर्ट घोषित कर दिया है, जिसका मतलब होता है कि गर्मी अब आम लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक स्तर पर पहुंच चुकी है।

ग्लोबल वार्मिंग और क्लाइमेट चेंज बढ़ा रहे हैं मुसीबत

विश्व मौसम विज्ञान संगठन की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, पूरी दुनिया के मुकाबले यूरोप महाद्वीप दोगुनी तेजी से गर्म हो रहा है। पर्यावरण के जानकारों का साफ कहना है कि क्लाइमेट चेंज यानी जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम का मिजाज पूरी तरह बिगड़ चुका है। इसी वजह से अब गर्मियों के मौसम में सामान्य से कहीं ज्यादा गर्म हवाएं चल रही हैं और लू के थपेड़ों का समय भी लंबा होता जा रहा है। इसका सीधा और बुरा असर लोगों की सेहत और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ रहा है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *