नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI से जुड़े तीन संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया है। ये सभी पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े माने जा रहे हैं। गिरफ्तारियां उत्तर प्रदेश, पंजाब एवं मध्य प्रदेश से की गईं।
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार ये आतंकी उत्तर भारत के निवासी हैं। लाल किले ब्लास्ट से इनकी संभावित जुड़ाव की जांच की जा रही है, हालांकि मुख्य आरोपी डॉ. उमर उन नबी से इनका सीधा संबंध नहीं पाया गया। गिरफ्तारियों से ब्लास्ट जांच को नई दिशा मिली है।
पकड़े गए आतंकियों में पंजाब के फिरोजपुर से हरगुनप्रीत सिंह उर्फ गुरकरणप्रीत सिंह (19 वर्ष), मध्य प्रदेश के दतिया से विकास प्रजापति उर्फ बेटू (19 वर्ष) तथा उत्तर प्रदेश के बिजनौर से आसिफ उर्फ आरिश (22 वर्ष) शामिल हैं।
शहजाद भट्टी कौन हैं?
शहजाद भट्टी पाकिस्तान के पंजाब प्रांत का निवासी है, जो मोरक्कन पासपोर्ट धारक है तथा UAE में सक्रिय है। वह स्वयं को ‘इस्लाम और पाकिस्तान का सिपाही’ बताता है तथा सोशल मीडिया पर कई वीडियो जारी कर चुका है।
भट्टी लॉरेंस बिश्नोई गैंग के साथ हथियार तस्करी में संलिप्त था, लेकिन 2025 में दोनों के बीच दुश्मनी हो गई। अप्रैल 2025 के पहलगाम टेरर अटैक (26 हिंदू पर्यटकों की हत्या) के बाद बिश्नोई की पाकिस्तान पर हमले की धमकी के जवाब में भट्टी ने सिद्धू मूसेवाला (2022) एवं बाबा सिद्दीकी (2024) हत्याओं के ‘रहस्य’ उजागर करने की चेतावनी दी। उसका दावा है कि उसके पास राजनीतिक फंडिंग एवं हथियार स्रोतों की रिकॉर्डिंग्स हैं।
25 नवंबर को गुरदासपुर सिटी पुलिस स्टेशन के बाहर ग्रेनेड फेंकने वाले हमले में भी ये आतंकी संलिप्त पाए गए। भट्टी सोशल मीडिया के माध्यम से युवाओं को भर्ती कर आतंकी गतिविधियां चला रहा था।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में खुलासे की उम्मीद
दिल्ली पुलिस सोमवार शाम 4 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस करेगी, जिसमें पूरे टेरर मॉड्यूल के बारे में विस्तार से जानकारी दी जाएगी। इसमें लाल किले ब्लास्ट से जुड़ाव की पुष्टि या अस्वीकृति भी हो सकती है।
अतिरिक्त पुलिस आयुक्त प्रमोद कुमार कुशवाहा के अनुसार गिरफ्तारियों से दिल्ली एवं अन्य प्रमुख शहरों में संभावित हमलों को रोका जा सका। जांच जारी है।