अंतरराष्ट्रीय बाजार में पिछले एक हफ्ते के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में करीब 8 फीसदी की भारी गिरावट आई है। इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच सीजफायर समझौते और अमेरिका-ईरान के बीच हुई डील के बाद वैश्विक बाजार में 8.5 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल आने का रास्ता साफ हो गया है। इसके चलते खाड़ी देशों का ब्रेंट क्रूड गिरकर 80.57 डॉलर प्रति बैरल और अमेरिकी क्रूड (WTI) 77.54 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
जानकारों का मानना है कि यदि मिडिल ईस्ट में शांति बनी रही, तो अगले 6 से 12 महीनों में कच्चे तेल के दाम गिरकर 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकते हैं। इस बड़ी मंदी के बाद अब देश और छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पेट्रोल-डीजल के दाम कम होने की उम्मीदें जग गई हैं।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का पूरा आंकड़ा
| क्रूड ऑयल का प्रकार | 12 जून की कीमत (प्रति बैरल) | 20 जून की कीमत (प्रति बैरल) | कुल गिरावट (डॉलर में) | कुल गिरावट (प्रतिशत में) |
| ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) | $87.33 | $80.57 | $6.76 | ~8% |
| डब्ल्यूटीआई क्रूड (WTI Crude) | $84.88 | $77.54 | $7.34 | ~8.65% |
क्यों आई कच्चे तेल में इतनी बड़ी गिरावट?
- सीजफायर समझौता: हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच युद्धविराम पर सहमति बनने से सप्लाई को लेकर चिंताएं कम हुई हैं। इसके बाद खाड़ी देशों के इराकी बंदरगाहों से टैंकरों की आवाजाही तेजी से शुरू हो गई है।
- अमेरिका-ईरान डील: दोनों देशों के बीच युद्ध खत्म करने को लेकर एक डिजिटल समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर हो चुके हैं। इस डील से ईरानी तेल पर लगे अमेरिकी प्रतिबंध हटेंगे, जिससे बाजार में फंसा 8.5 करोड़ बैरल से ज्यादा तेल वैश्विक बाजार में आ सकेगा।
- भविष्य का अनुमान: सिटी ग्रुप के मुताबिक, बाजार में अतिरिक्त सप्लाई (सरप्लस) होने से अगले 6 से 12 महीनों में तेल की कीमतें गिरकर 60 से 65 डॉलर प्रति बैरल तक आ सकती हैं। वहीं कॉमर्जबैंक ने साल के अंत तक ब्रेंट का अनुमान 85 डॉलर से घटाकर 80 डॉलर कर दिया है।
क्या भारत और रायपुर में सस्ता होगा पेट्रोल-डीजल?
मई के महीने में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के कारण रायपुर सहित पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 7 से 8 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी। आखिरी बार कीमतें 25 मई को बढ़ी थीं। जून में अंतरराष्ट्रीय बाजार में भले ही 15 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई है, लेकिन घरेलू स्तर पर तेल कंपनियों ने कीमतों को स्थिर रखा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम बढ़ने से पेट्रोलियम कंपनियों को रोजाना 1,000 से 1,500 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हो रहा था। वर्तमान में दाम 80 डॉलर के करीब आने से कंपनियां केवल ‘नो प्रॉफिट-नो लॉस’ की स्थिति में पहुंची हैं। जब कच्चा तेल लगातार 75 डॉलर प्रति बैरल से नीचे जाएगा, तभी तेल कंपनियां मुनाफे में आएंगी और आम जनता को पेट्रोल-डीजल की महंगाई से सीधी राहत मिल पाएगी।
महानगरों और रायपुर में आज के दाम
| शहर | पेट्रोल की कीमत (प्रति लीटर) | डीजल की कीमत (प्रति लीटर) |
| रायपुर (Raipur) | ₹107.45 | ₹101.32 |
| दिल्ली (Delhi) | ₹102.12 | ₹95.20 |
| मुंबई (Mumbai) | ₹111.21 | ₹97.83 |
| कोलकाता (Kolkata) | ₹113.51 | ₹99.02 |
| चेन्नई (Chennai) | ₹107.77 | ₹99.55 |