चारामा: भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों में घिरे CMO हेमंत नेताम, अध्यक्ष और पार्षदों ने कलेक्टर से की हटाने की मांग

चारामा । नगर पंचायत चारामा में प्रशासनिक घमासान तेज हो गया है। नगर पंचायत अध्यक्ष भुवनेश्वर नागराज के नेतृत्व में भाजपा और कांग्रेस दोनों दलों के पार्षदों के एक प्रतिनिधिमंडल ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) हेमंत नेताम को तत्काल पद से हटाने की मांग की है। पार्षदों का आरोप है कि सीएमओ की कार्यप्रणाली के कारण नगर का विकास पूरी तरह ठप हो गया है और वे भ्रष्टाचार के कई गंभीर मामलों में संलिप्त हैं।
​भ्रष्टाचार और अवैध वसूली के गंभीर आरोप
​कलेक्टर को सौंपे गए शिकायत पत्र में सीएमओ पर कई सनसनीखेज आरोप लगाए गए हैं:
​अनुज्ञा शुल्क में हेराफेरी: आरोप है कि नगर में हो रहे निर्माण कार्यों (भवन) के लिए शहरवासियों से नकद राशि ली जाती है, लेकिन उसे सरकारी खाते में जमा करने के बजाय अधिकारी स्वयं रख लेते हैं और लोगों को अनुज्ञा (Permission) भी नहीं दी जाती।
​फर्जी यात्रा देयक (Travel Bill): शिकायत के अनुसार, पूर्व अधिकारी के साथ साठगांठ कर केवल तीन महीनों में 70,200 रुपये का यात्रा देयक निकाला गया, जबकि इस दौरान यात्रा के लिए सरकारी वाहन और डीजल का उपयोग किया गया था।
​कमीशन की मांग: ठेकेदारों से अंतिम भुगतान के बदले 10 प्रतिशत कमीशन की मांग करने और भुगतान रोकने का आरोप है। इसके चलते पूर्व में अध्यक्ष और ठेकेदारों के साथ विवाद की स्थिति भी बन चुकी है।
​गबन का पुराना मामला: शिकायत पत्र में उल्लेख है कि उक्त अधिकारी पूर्व में भी 14 लाख रुपये के गबन के आरोपी रहे हैं। 22 जनवरी 2026 के एक बिल भुगतान (नंबर 588) की जांच की मांग भी की गई है।
​रेत खदान और प्रमाण पत्रों में लापरवाही
​ज्ञापन में बताया गया है कि एक नई रेत खदान को किसी खास ठेकेदार को बेचने के एवज में 5 लाख रुपये की मांग की गई है। इसके अलावा, नगर के अनुसूचित जाति के बच्चों के जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक प्रस्ताव न देने के कारण छात्र सुविधाओं से वंचित हो रहे हैं, जिससे स्थानीय जनता में भारी आक्रोश है।
​”8 दिन में कार्रवाई नहीं हुई तो लगेगा ताला”
​नगर पंचायत अध्यक्ष और पार्षदों ने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है। उन्होंने मांग की है कि सीएमओ को हटाकर स्थानीय तहसीलदार या किसी अन्य अधिकारी को प्रभार सौंपा जाए। यदि 8 दिनों के भीतर कार्रवाई नहीं होती है, तो अध्यक्ष और समस्त पार्षद मिलकर नगर पंचायत कार्यालय में तालाबंदी करेंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।
इस पर नगर पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी चारामा से पूछने पर बताया कि मेरे ऊपर जो आरोप लगाया जा रहे हैं, वह निराधार है, मेरे द्वारा शासन के नियमानुसार हर कार्य समय पर पूर्ण किया जा रहा है। अगर शिकायत की गई है तो जांच के लिए मैं तैयार हूं।

​शिकायत पत्र के दौरान अध्यक्ष भुवनेश्वर नागराज के साथ पार्षद मंजू सुभाष सोनकर, चंद्रिका देवांगन, संदीप मेश्राम, लोकेश, तुलसी कुंजाम और अशोक त्रिवेदी सहित कुल 11 पार्षदों के हस्ताक्षर/सहमति मौजूद रही।

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