नई दिल्ली। सरकार ने देश को डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में कई महत्वपूर्ण कर प्रस्तावों की घोषणा की है। इसके तहत भारत में क्लाउड सेवाओं के लिए डेटा सेंटर स्थापित करने वाली कंपनियों को वर्ष 2047 तक ‘टैक्स हॉलिडे’ (कर अवकाश) देने का निर्णय लिया गया है। साथ ही, इलेक्ट्रॉनिक निर्माताओं के लिए 2 प्रतिशत और डेटा सेंटर कंपनियों के लिए 15 प्रतिशत का ‘सेफ हार्बर’ मार्जिन लागू किया जाएगा। आईटी सेवाओं से जुड़ी एडवांस टैक्स रूलिंग प्रक्रिया को भी आगामी दो वर्षों में तेज करने का लक्ष्य रखा गया है।
प्रवासी भारतीयों (NRI) और विदेशी नागरिकों के लिए भी नियमों में ढील दी गई है। भारत में पांच वर्ष तक निवास करने वाले विदेशियों की गैर-भारतीय आय पर अब कोई कर नहीं लगेगा, वहीं एनआरआई को ‘मैट’ (MAT) से छूट प्रदान की जाएगी। हालांकि, निवेश बाजार में सिक्योरिटी डेरिवेटिव्स पर लेन-देन कर (STT) बढ़ाने का प्रस्ताव है, जिसमें ऑप्शन्स और फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर शुल्क में वृद्धि की जाएगी। सीमा शुल्क (Customs Duty) के मोर्चे पर सीफूड प्रोसेसिंग इनपुट पर ड्यूटी-फ्री सीमा बढ़ाई गई है, जबकि कुछ स्वदेशी उत्पादों पर मिलने वाली रियायतें समाप्त करने का सुझाव है।