सनी देओल और प्रीति जिंटा की फिल्म बंटवारा 1947 का बड़ा खुलासा, जानिए क्यों पाकिस्तान सरकार ने बैन कर दिया था यह नाटक

बॉलीवुड के गदर स्टार सनी देओल की आने वाली फिल्म बंटवारा 1947 इन दिनों टॉक ऑफ द टाउन यानी चर्चा का विषय बनी हुई है. आमिर खान के प्रोडक्शन हाउस में बन रही यह मूवी इस साल की सबसे बड़ी फिल्मों में से एक मानी जा रही है. इस फिल्म के जरिए दर्शकों को कई सालों बाद बड़े पर्दे पर सनी देओल और डिंपल गर्ल प्रीति जिंटा की सुपरहिट जोड़ी दोबारा देखने को मिलेगी. यह फिल्म भारत और पाकिस्तान के विभाजन यानी बंटवारे के समय सीमाओं पर खिंची लकीरों के साथ-साथ इंसानी दिलों में पैदा हुई नफरत और उसके बीच बची इंसानियत की एक बेहद भावुक कहानी को बड़े पर्दे पर पेश करेगी.

लाहौर की पृष्ठभूमि पर लिखे गए मशहूर नाटक पर आधारित है फिल्म

लोकल रिपोर्टर के हाथ लगी जानकारी के मुताबिक, इस फिल्म की कहानी उत्तर प्रदेश के फतेहपुर के रहने वाले मशहूर लेखक प्रोफेसर असगर वजाहत के एक बेहद लोकप्रिय नाटक पर आधारित है. इस नाटक का नाम है ‘जिस लाहौर नई देख्या, ओ जम्या ही नई’. असगर वजाहत ने साल 1989 में देश के विभाजन के दर्द को करीब से महसूस करते हुए इस नाटक को लिखा था. कहानी एक बुजुर्ग पंजाबी हिंदू महिला के इर्द-गिर्द घूमती है, जो बंटवारे के बाद अपना लाहौर वाला घर छोड़कर भारत आने से साफ मना कर देती है. इसके बाद कहानी में जो मोड़ आते हैं, वह दर्शकों को अंदर तक झकझोर कर रख देंगे.

डर और गलतफहमी की वजह से पाकिस्तान प्रशासन ने लगा दिया था बैन

इस फिल्म से जुड़ा सबसे दिलचस्प और हैरान करने वाला सच यह है कि जिस नाटक पर यह पूरी फिल्म बनी है, उसे पाकिस्तान की सरकार ने अपने देश में पूरी तरह से बैन यानी प्रतिबंधित कर दिया था. खुद लेखक असगर वजाहत ने एक पुराने इंटरव्यू में बताया था कि जब इस नाटक का मंचन किया गया, तो वहां की आम जनता ने इसे खूब प्यार दिया. लेकिन पाकिस्तान की पुलिस और बड़े अधिकारियों ने डर और भारी गलतफहमी के चलते इस पर रोक लगा दी थी. दरअसल, नाटक की कहानी में एक मौलवी का किरदार था, जिसकी हत्या कर दी जाती है. इसी सीन को लेकर वहां का प्रशासन घबरा गया था और उन्हें लगा कि इससे देश का माहौल बिगड़ सकता है.

जयपुर से लेकर न्यूयॉर्क तक मचाय धूम, इस स्वतंत्रता दिवस पर होगी रिलीज

भले ही पाकिस्तान ने इस नाटक पर रोक लगा दी थी, लेकिन इसकी लोकप्रियता कम नहीं हुई. लाहौर, कराची से लेकर न्यूयॉर्क, दुबई और भारत के कई बड़े शहरों में थिएटर आर्टिस्ट्स ने इसका मंचन किया. साल 2018 में जयपुर के जाने-माने थिएटर कलाकार शाकुर खान ने भी इस नाटक को मंच पर उतारा था, जिसे लोगों ने खूब सराहा. अब बड़े पर्दे पर इस कहानी को डायरेक्टर राजकुमार संतोषी डायरेक्ट कर रहे हैं. यह फिल्म भावनाओं की एक रोलर कोस्टर राइड (भावनाओं का उतार-चढ़ाव) होने वाली है. फिल्म में सनी और प्रीति के साथ शबाना आजमी, अली फजल और अभिमन्यु सिंह जैसे दमदार कलाकार नजर आएंगे. यह फिल्म इसी साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर 14 अगस्त 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए पूरी तरह तैयार है.

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