मुंबई। संगीत जगत की दो महान विभूतियों, लता मंगेशकर और आशा भोसले की विरासत अब समाज सेवा के माध्यम से अमर होने जा रही है। दिग्गज गायिका आशा भोसले के निधन के बाद उनके भाई और मशहूर संगीतकार हृदयनाथ मंगेशकर ने एक बेहद महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने अपनी दोनों बहनों की स्मृति में एशिया का सबसे विशाल और आधुनिक अस्पताल बनाने का संकल्प लिया है।
एशिया का सबसे बड़ा मेडिकल संस्थान बनाने की तैयारी
हृदयनाथ मंगेशकर ने मीडिया से चर्चा के दौरान बताया कि इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने साझा किया कि अस्पताल के लिए उपयुक्त जमीन भी खरीदी जा चुकी है। इस संस्थान को विश्व स्तरीय सुविधाओं से लैस किया जाएगा ताकि यह न केवल भारत, बल्कि पूरे एशिया के सबसे बड़े चिकित्सा केंद्रों में से एक बन सके।
संगीत और चिकित्सा का अनूठा संगम
जानकारी के मुताबिक, इस अस्पताल का संभावित नाम ‘लता-आशा इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज’ रखा जा सकता है। खास बात यह है कि अस्पताल परिसर के भीतर ही एक विशेष म्यूजियम बनाने की भी योजना है। इस म्यूजियम में मंगेशकर परिवार की दशकों लंबी ऐतिहासिक संगीत यात्रा को प्रदर्शित किया जाएगा। साथ ही, यहाँ आने वाले लोग आधुनिक और इंटरैक्टिव तकनीक के माध्यम से संगीत की बारीकियों को भी सीख सकेंगे।
परिवार में शोक की लहर
आशा भोसले के जाने से पूरे मंगेशकर परिवार और संगीत प्रेमियों में गहरा दुख है। उनकी पोती जनाई भोसले ने अपनी दादी को याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक बेहद भावुक पोस्ट साझा किया है। अंतिम संस्कार के समय भी जनाई की आंखों में अपनी दादी के प्रति गहरा लगाव और बिछड़ने का गम साफ झलक रहा था।
मंगेशकर परिवार का यह कदम मानवता की सेवा के साथ-साथ संगीत की उन दो अमर आवाजों को सच्ची श्रद्धांजलि माना जा रहा है जिन्होंने दुनिया भर के लोगों के दिलों पर राज किया।