जगदलपुर। भीषण गर्मी से जूझ रहे बस्तरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि इस बार मानसून बस्तर में सामान्य तिथि से पहले पहुंच सकता है। हालांकि इसकी अंतिम स्थिति मानसूनी हवाओं की गति और मौसम की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
मौसम विभाग के अनुसार बस्तर में मानसून के पहुंचने की सामान्य तिथि 13 जून मानी जाती है। पिछले 15 से 20 वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो मानसून लगभग इसी समय क्षेत्र में पहुंचता रहा है। विशेषज्ञों के मुताबिक दो से चार दिन का अंतर सामान्य माना जाता है।
केरल में जल्दी पहुंचा मानसून, बस्तर में भी बढ़ी उम्मीद
इस साल केरल में मानसून की समय से पहले एंट्री हुई है। इसके बाद बस्तर और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी मानसून के जल्द पहुंचने की संभावना बढ़ गई है। मौसम विभाग का मानना है कि यदि मानसूनी सिस्टम मजबूत बना रहा तो इसका असर पूरे छत्तीसगढ़ में देखने को मिल सकता है।
हवाओं की ताकत तय करेगी मानसून की रफ्तार
मौसम वैज्ञानिक एचपी चंद्रा ने बताया कि मानसून की प्रगति पूरी तरह उसकी गति और हवाओं की मजबूती पर निर्भर करती है। यदि हवाएं कमजोर पड़ती हैं तो मानसून की रफ्तार धीमी हो सकती है। वहीं मजबूत हवाओं की स्थिति में मानसून तेजी से आगे बढ़ते हुए तय समय से पहले भी पहुंच सकता है।
उन्होंने कहा कि फिलहाल मौसम की परिस्थितियां सामान्य बनी हुई हैं और लगातार निगरानी की जा रही है। आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों पर विशेष नजर रखी जाएगी।
किसानों और आम लोगों की बढ़ी उम्मीद
बस्तर क्षेत्र के किसान अब मानसून की अगली गतिविधियों पर नजर बनाए हुए हैं। खेती-किसानी की तैयारियां भी शुरू हो चुकी हैं। समय पर या समय से पहले बारिश होने से किसानों को काफी फायदा मिल सकता है। वहीं गर्मी से परेशान लोगों को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल मौसम विभाग का अनुमान है कि मानसून की दस्तक सामान्य तिथि के आसपास रहेगी, लेकिन परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो बस्तर में बारिश का इंतजार इस बार जल्द खत्म हो सकता है।