: छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में बेखौफ चोरों ने पुलिस गश्त को चुनौती देते हुए एक ही रात में दो दुकानों के ताले चटका दिए। ताजा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले करहीभदर गांव का है। यहां रविवार देर रात दो नकाबपोश बदमाशों ने दो मेडिकल स्टोर को अपना निशाना बनाया। चोर दुकान के गल्ले और लॉकर से करीब 52 हजार रुपये कैश और चांदी के जेवरात समेटकर रफूचक्कर हो गए। चोरी की यह पूरी लाइव वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है।
शातिर तरीके से दिया वारदात को अंजाम, एक अंदर घुसा तो दूसरा बाहर दे रहा था पहरा
स्थानीय सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, दोनों नकाबपोश चोर देर रात सुनसान सड़क का फायदा उठाकर मेडिकल दुकानों के पास पहुंचे। सीसीटीवी फुटेज (CCTV Theft Video) को देखने से साफ पता चलता है कि दोनों चोर पूरी प्लानिंग के साथ आए थे।
फुटेज में दिख रहा है कि एक आरोपी कटर या औजार की मदद से शटर का ताला तोड़ता है और रेंगते हुए दुकान के भीतर दाखिल हो जाता है। वहीं, उसका दूसरा साथी पकड़े जाने के डर से बाहर सड़क पर खड़ा होकर लगातार निगरानी (रेकी) करता रहता है। कुछ देर बाद अंदर गया चोर नोटों और कीमती सामान से भरा एक बक्सा लेकर बाहर आता है। इसके बाद दोनों शातिर चोर बड़ी चालाकी से दोबारा शटर को नीचे गिराते हैं और मौके से नौ दो ग्यारह हो जाते हैं।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही कोतवाली पुलिस, संदिग्धों की तलाश तेज
सुबह जब दुकान संचालक अपनी दुकानें खोलने पहुंचे, तो उन्हें चोरी का पता चला। इसके बाद तुरंत स्थानीय कोतवाली थाना पुलिस (Kotwali Police Station) को मामले की सूचना दी गई।
शिकायत मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और मौका-मुआयना किया। पुलिस ने दोनों दुकानों के सीसीटीवी फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। बालोद पुलिस (Balod Police) के आला अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर चोरों का हुलिया और सुराग जुटाया जा रहा है। संदिग्धों की धरपकड़ के लिए आसपास के गांवों और ढाबों में भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही दोनों नकाबपोश सलाखों के पीछे होंगे।
एक ही रात में दो चोरियों से व्यापारियों में दहशत, गश्त बढ़ाने की मांग
करहीभदर गांव में एक ही रात के भीतर दो-दो मेडिकल स्टोर में हुई इस बड़ी चोरी के बाद से इलाके के स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों में भारी चिंता और डर का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि अगर मुख्य बाजार की दुकानों में ऐसी वारदातें होंगी, तो वे कैसे सुरक्षित रहेंगे। ग्रामीणों और स्थानीय व्यापार संघ ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में रात के समय पुलिस की गश्त (Police Patrolling) को और ज्यादा मजबूत और मुस्तैद किया जाए।