सक्ती / जांजगीर-चांपा
जांजगीर। नगर की होनहार और मेधावी छात्रा पीहू सिंघानिया ने एक अनूठी मिसाल कायम की है। इंजीनियर राजकुमार सिंघानिया की सुपुत्री पीहू ने देश की दो सबसे कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं— NEET (चिकित्सा) और JEE Main & Advanced (इंजीनियरिंग)— दोनों में ही अपने प्रथम प्रयास में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए सफलता का परचम लहराया है। पीहू की इस ऐतिहासिक उपलब्धि से न केवल उनका परिवार, बल्कि संपूर्ण जिला गौरवान्वित हुआ है।
NEET में हासिल की 653वीं रैंक, JEE में भी गाड़े झंडे
पीहू सिंघानिया ने देश की सबसे प्रतिष्ठित चिकित्सा प्रवेश परीक्षा (NEET) में अपने पहले ही प्रयास में 720 में से 666 अंक प्राप्त किए हैं। उन्होंने अखिल भारतीय स्तर (All India Rank) पर 653वां स्थान हासिल कर एक बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। इसके साथ ही, उन्होंने इंजीनियरिंग क्षेत्र की देश की सबसे कठिनतम परीक्षा JEE (Main एवं Advanced) में भी शानदार प्रदर्शन कर देश के प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थानों में प्रवेश की पात्रता सिद्ध की है।
शैक्षणिक सफर और पारिवारिक पृष्ठभूमि
पीहू बचपन से ही कुशाग्र बुद्धि की रही हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई रायगढ़ के तमनार स्थित जिंदल स्कूल से हुई। उनके पिता, इंजीनियर राजकुमार सिंघानिया ने तमनार स्थित जिंदल पावर प्लांट में 20 वर्षों तक अपनी सेवाएं दीं और उपमहाप्रबंधक (DGM) के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ली। इसके बाद पीहू ने करियर प्वाइंट, बिलासपुर से 10वीं की परीक्षा 93.4% अंकों के साथ उत्तीर्ण की।
आगे की पढ़ाई के लिए उन्होंने ओडिशा की प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्था डीएवी पब्लिक स्कूल, भुवनेश्वर को चुना, जहां उन्होंने 12वीं बोर्ड परीक्षा में 95.4% अंक हासिल किए। 12वीं की पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने इन दोनों जटिल परीक्षाओं की तैयारी की और एक साथ दोनों में सफलता पाई।
पिता के पदचिह्नों पर चलकर हासिल किया मुकाम
उल्लेखनीय है कि पीहू के पिता राजकुमार सिंघानिया ने अपनी इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद प्रकाश इंडस्ट्रीज, चांपा से अपने करियर की शुरुआत की थी। पीहू ने भी अपने पिता को अपना आदर्श मानते हुए उनके पदचिह्नों पर चलने का संकल्प लिया और आज इस बड़ी कामयाबी को हासिल किया।
सफलता का श्रेय
अपनी इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए पीहू सिंघानिया ने इसका पूरा श्रेय अपनी माता बबीता सिंघानिया, पिता इंजीनियर राजकुमार सिंघानिया के संबल और अपने गुरुजनों के अद्भुत मार्गदर्शन व आशीर्वाद को दिया है। पीहू की इस सफलता पर नगर के गणमान्य नागरिकों और शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
