0 आधार की महत्ता व उपयोगिता आई सामने 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली : सरकार की आधार योजना जनहित में कितना फायदेमंद हो चुकी है इसका एक सुखद उदाहरण रायपुर स्थित अपना घर आश्रम में देखने को मिला । जहां आधार की सहायता से वर्षों से बिछड़े दो परिजनों का पुनर्मिलन संभव हो सका । आधार केवल एक पहचान पत्र नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए आशा और पुनर्मिलन का माध्यम भी बनता जा रहा है।
इस संबंध में परियोजना प्रबंधक, यूआईडीएआई छत्तीसगढ़ से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अपनों से बिछड़े एवं मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्तियों के लिए रायपुर के "अपना घर आश्रम" (शेल्टर होम) में विशेष आधार नामांकन शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर यूआईडीएआई आधार सेवा केंद्र, श्याम प्लाज़ा, पंडरी, रायपुर द्वारा आयोजित किया गया था।

नामांकन प्रक्रिया के दौरान आश्रम में निवासरत दो हितग्राहियों के आधार नामांकन आवेदन किए गए। जांच के दौरान उनके आवेदन डुप्लीकेट रिकॉर्ड दर्शाते हुए निरस्त हो गए। इसके पश्चात यूआईडीएआई अधिकारियों ने गंभीरता से जांच प्रारंभ की तथा क्षेत्रीय कार्यालय, हैदराबाद के सहयोग एवं मार्गदर्शन से दोनों व्यक्तियों के आधार अभिलेखों का सफलतापूर्वक पता लगाकर सत्यापन किया।
सत्यापन में ज्ञात हुआ कि दोनों व्यक्ति उड़ीसा राज्य के निवासी हैं। इनमें एक हितग्राही खगा भतरा, जिला नवरंगपुर (उड़ीसा) तथा दूसरे हितग्राही रामदास महानंद, जिला बलांगीर (उड़ीसा) के निवासी पाए गए। आधार अभिलेखों के माध्यम से परिवारजनों से संपर्क करने पर ज्ञात हुआ कि दोनों कई महीनों से लापता थे और परिवारजन उनकी तलाश में निराश हो चुके थे।
आश्रम प्रबंधन द्वारा परिवारों को सूचना दिए जाने के उपरांत दिनांक 16 जून 2026 को “अपना घर आश्रम” में भावनात्मक पुनर्मिलन कार्यक्रम आयोजित किया गया। वर्षों बाद अपने प्रियजनों से मिलकर परिवारजन भावुक हो उठे। इस मार्मिक क्षण ने वहां उपस्थित सभी लोगों की आंखें नम कर दीं।
परिवारजनों ने यूआईडीएआई, आधार सेवा केंद्र श्याम प्लाज़ा रायपुर, क्षेत्रीय कार्यालय हैदराबाद तथा अपना घर आश्रम के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि यदि आधार अभिलेखों और अधिकारियों का सहयोग नहीं मिलता, तो शायद वे अपने परिजनों तक कभी नहीं पहुंच पाते।
आश्रम प्रबंधन ने भी आधार टीम (एएसके रायपुर) के समर्पित प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि आधार केवल पहचान का दस्तावेज नहीं, बल्कि अनेक परिवारों के लिए उम्मीद और पुनर्मिलन का सशक्त माध्यम बन रहा है।
कार्यक्रम के दौरान छायाचित्र एवं वीडियो भी लिए गए। ग्रामीण पृष्ठभूमि से होने के कारण परिवारजन कैमरे के सामने अपने भाव सहज रूप से व्यक्त नहीं कर सके, किंतु उनकी आंखों में झलकती खुशी और कृतज्ञता सब कुछ बयां कर रही थी।
यह प्रेरणादायक घटनाक्रम “आधार गाइड” के साथ साझा किया गया ताकि आधार की विशेषताओं एवं जनहित में उसकी उपयोगिता की जानकारी अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंच सके।
0आधार गाइड ने आम जनता से की अपील 0
आधार गाइड किशोर प्रदीप सतपथी ने सभी नागरिकों से अपील करता है कि 5 वर्ष एवं 15 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों का अनिवार्य बायोमेट्रिक आधार अपडेट समय पर अवश्य करवाएं। समय पर आधार अपडेट कराकर बच्चों की पहचान को सशक्त एवं सुरक्षित बनाएं।“आधार केवल पहचान नहीं, बल्कि अपनों को मिलाने वाला विश्वास भी है।