अंबुजा विद्यापीठ में ‘स्टेम सैटरडे’ का भव्य आयोजन: युवा इनोवेटर्स ने प्रदर्शित किए शानदार प्रोटोटाइप मॉडल्स

बलौदा बाजार : अम्बुजा विद्या पीठ, रवान में विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, नवाचार, रचनात्मकता एवं समस्या-समाधान कौशल विकसित करने के उद्देश्य से विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी और गणित (STEM) कार्यक्रम का आज 18 जुलाई 2026 को ‘स्टेम सैटरडे’ का भव्य आयोजन किया गया।
इस कार्यक्रम में कक्षा 6 से 8 तक के कुल 75 विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। विद्यार्थियों ने अपने वास्तविक जीवन की समस्याओं के समाधान पर आधारित अभिनव एवं उपयोगी प्रोटोटाइप प्रस्तुत किए। इन प्रोटोटाइपों का उद्देश्य विज्ञान, प्रौद्योगिकी, अभियांत्रिकी एवं गणित (STEM) के सिद्धांतों का प्रयोग कर समाज की दैनिक समस्याओं के व्यावहारिक समाधान प्रस्तुत करना था।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय के मार्गदर्शन एवं प्रेरणा से कार्यक्रम का सफल आयोजन हुआ। विद्यार्थियों को 10 स्टेम (STEM) शिक्षकों द्वारा निरंतर मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिसके परिणामस्वरूप विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट एवं नवाचारी मॉडल विकसित किए।

कार्यक्रम के अंतर्गत प्रस्तुत सभी प्रोटोटाइपों में से 3 सर्वश्रेष्ठ प्रोटोटाइपों का चयन किया गया। इन चयनित प्रोटोटाइपों को आदानी ग्रुप ऑफ स्कूल्स के प्रधान कार्यालय भेजा गया है, जहाँ राष्ट्रीय स्तर पर चयन प्रक्रिया आयोजित की जाएगी। राष्ट्रीय स्तर पर चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा, जिससे उन्हें अपनी प्रतिभा को राष्ट्रीय मंच पर प्रदर्शित करने का अवसर प्राप्त होगा।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को प्रेरित एवं मार्गदर्शित करने हेतु अतिथियों ने अपने विचार व्यक्त किए। रूपेश कुमार देवांगन ,रसायन विज्ञान के प्राध्यापक, डी.के. पी.जी. कॉलेज, बलौदा बाजार ने विज्ञान को जीवन से जोड़ते हुए नवाचार की आवश्यकता पर बल दिया। कौशिक मुनि त्रिपाठी, प्राचार्य लाहोद एवं नोडल अधिकारी, जिला विज्ञान केन्द्र, बलौदा बाजार ने विद्यार्थियों को वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाने तथा वास्तविक समस्याओं के समाधान हेतु अनुसंधान एवं प्रयोग करने के लिए प्रेरित किया।
विद्यालय के प्राचार्य डॉ. संजय कुमार पाण्डेय ने अपने संबोधन में कहा कि स्टेम ( STEM) शिक्षा विद्यार्थियों में 21वीं सदी के आवश्यक कौशल—जैसे आलोचनात्मक चिंतन, रचनात्मकता, सहयोग एवं समस्या-समाधान क्षमता—का विकास करती है तथा उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करती है। उन्होंने विद्यार्थियों उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। स्टेम का यह आयोजन विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक दृष्टिकोण एवं आत्मविश्वास विकसित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं प्रेरणादायी पहल सिद्ध हुआ। बड़ी संख्या में पधारे अभिभावकों ने बच्चों के हुनर की भूरि – भूरि सराहना की।
इस अवसर पर विद्यालय के उप प्राचार्य पद्माकर मिश्रा, समन्वयकगण एवं सभी शिक्षक एवं शिक्षिकाएं उपस्थित थे।

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