होली उत्सव में केट मिडलटन की सादगी भरी मौजूदगी, भारतीय शैली के झुमकों ने खींचा ध्यान

ब्रिटेन की शाही परिवार की सदस्य और प्रिंसेस ऑफ वेल्स (Catherine, Princess of Wales) ने इस वर्ष होली के अवसर पर ब्रिटेन में बसे भारतीय समुदाय के साथ उत्सव मनाकर एक खास संदेश दिया। 5 मार्च 2026 को इंग्लैंड के लीसेस्टर (Leicester) शहर में आयोजित कार्यक्रम में उनकी उपस्थिति ने न केवल लोगों का ध्यान आकर्षित किया, बल्कि भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान भी प्रकट किया।

होली, जिसे रंगों, प्रेम और वसंत के आगमन का पर्व माना जाता है, भारतीय समुदाय के लिए बेहद महत्वपूर्ण उत्सव है। इस अवसर पर प्रिंसेस केट मिडलटन ने पारंपरिक परंपरा का सम्मान करते हुए सफेद रंग का परिधान पहना। होली में सफेद कपड़े पहनने की परंपरा समानता, सादगी और उत्सव की रंगीनता को दर्शाती है।

कार्यक्रम के दौरान प्रिंसेस केट ने एक क्रीम रंग की खूबसूरत मिडी ड्रेस पहनी, जिसे प्रसिद्ध फैशन ब्रांड रोल्फ लौरेन (Ralph Lauren) ने डिजाइन किया है। इस ड्रेस की खासियत इसका सादा लेकिन आकर्षक डिजाइन था, जिसमें फिटेड बॉडीस और हल्की प्लीटेड स्कर्ट शामिल थी। इस परिधान के साथ उन्होंने एक सुरुचिपूर्ण कोट भी पहना, जिसे लंदन के प्रसिद्ध सविल रॉ  (Savile Row) के टेलर क्रिस केर ने तैयार किया था। यह वही कोट था जिसे उन्होंने वर्ष 2023 में क्रिसमस कैरल सेवा के दौरान भी पहना था।

अपने पूरे लुक को संतुलित और सुसंगत बनाए रखने के लिए प्रिंसेस ने गर्म और हल्के रंगों के एक्सेसरीज़ चुने। उन्होंने कैमल रंग के सुएड पंप्स और उसी रंग का क्लच कैरी किया। हालांकि, उनके पूरे परिधान में सबसे अधिक चर्चा उनके कानों में पहने गए भारतीय शैली के झुमकों की रही।

प्रिंसेस केट ने सोने की परत वाले झुमके पहने थे, जिनमें नीले रंग के पत्थर जड़े हुए थे। इन झुमकों ने उनके परिधान में भारतीय सौंदर्य का स्पर्श जोड़ दिया। खास बात यह रही कि ये झुमके बेहद महंगे नहीं थे, बल्कि साधारण कीमत के थे, जिससे उनकी सादगी और व्यवहारिकता भी झलकती है।

अपने इस दौरे के दौरान प्रिंसेस ऑफ वेल्स ने श्रीजी धाम हवेली हिंदू मंदिर का भी दौरा किया, जहां उन्होंने ब्रिटिश-भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की और होली के महत्व के बारे में जानकारी ली। इस दौरान स्थानीय लोगों ने भी उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।

प्रिंसेस केट मिडलटन का यह दौरा सांस्कृतिक सद्भाव और विविधता के सम्मान का प्रतीक माना जा रहा है। उनके इस कदम से ब्रिटेन में बसे भारतीय समुदाय के साथ शाही परिवार के संबंधों को भी नई मजबूती मिली है।

इस कार्यक्रम में उनकी सादगी, भारतीय परंपरा के प्रति सम्मान और सहज शैली ने एक बार फिर साबित कर दिया कि आधुनिक शाही व्यक्तित्व भी विभिन्न संस्कृतियों के साथ जुड़कर उन्हें सम्मान दे सकते हैं।

श्रोत : Hindustan Times

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