रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र के दौरान धान खरीदी को लेकर विपक्ष ने सदन में स्थगन प्रस्ताव पेश किया। इस दौरान कांग्रेस विधायकों ने सरकार पर किसानों के साथ अन्याय और अपमान का आरोप लगाते हुए तथ्यात्मक बातें सदन के सामने रखीं।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान कहा कि इस वर्ष राज्य में धान का रकबा घटा है, इसके बावजूद कई किसानों की धान खरीदी नहीं हुई और वे अब भी कर्ज के बोझ तले दबे हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन ने सभी किसानों को चोर की तरह देखा।

भूपेश बघेल ने कहा कि अधिकारियों ने किसानों के परिसरों में जाकर जांच की। उन्होंने स्वयं का उदाहरण देते हुए कहा कि उनके खेत में भी बिना किसी पूर्व सूचना के जांच कर दी गई। उन्होंने सवाल उठाया कि किस आदेश और किस नियम के तहत बिना स्वामित्व और जानकारी के इस तरह की जांच की गई।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि क्या छत्तीसगढ़ में अधिकारियों का राज चल रहा है। बघेल ने यह भी आरोप लगाया कि प्रशासनिक कार्रवाई और अपमान से आहत होकर कई किसानों ने आत्महत्या तक कर ली है।
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अन्नदाताओं का अपमान कर राज्य में कुशासन की सरकार चलाई जा रही है। विपक्ष ने मांग की कि धान खरीदी से जुड़े मामलों की निष्पक्ष जांच हो और किसानों को परेशान करने वाली कार्रवाई तत्काल रोकी जाए।