अंबिकापुर। जिला प्रशासन ने वित्तीय अनियमितता के गंभीर मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए पशु चिकित्सा विभाग के सहायक ग्रेड-02 प्रदीप कुमार अम्बष्ट को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर लाखों रुपये की शासकीय राशि बैंक खातों में जमा नहीं करने और पद का दुरुपयोग करने का आरोप है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवाएं कार्यालय में पदस्थ अम्बष्ट द्वारा हितग्राहियों के अंशदान की 44,54,700 रुपये की राशि संबंधित शासकीय खाते में जमा नहीं की गई। इसके साथ ही पशु रोगी कल्याण समिति सरगुजा के खाते में भी 63,29,640 रुपये जमा नहीं करने का मामला प्रकाश में आया है। कुल मिलाकर एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि के हेरफेर की आशंका जताई गई है।
इस मामले में विभाग द्वारा संबंधित कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था, जिसका उनकी ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। इसके बाद गठित पांच सदस्यीय जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में पाया कि कर्मचारी द्वारा वित्तीय लेन-देन से जुड़े कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि अम्बष्ट ने शासकीय लेटरहेड का उपयोग व्यक्तिगत कार्य के लिए किया, जो सेवा नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
शासकीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और वित्तीय अनुशासनहीनता के आधार पर जिला प्रशासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम 1966 के तहत यह कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान प्रदीप कुमार अम्बष्ट का मुख्यालय पशु चिकित्सालय मैनपाट निर्धारित किया गया है। इस दौरान उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।