
टुकेश्वर लोधी, आरंग: आरंग पुलिस ने तेज़ कार्रवाई करते हुए गैस सिलेंडर चोरी करने वाले एक शातिर गिरोह को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने के मात्र 24 घंटों के भीतर मुख्य आरोपी और चोरी का माल खरीदने वाले दुकानदार को पकड़ लिया। इनके कब्जे से कुल 13 गैस सिलेंडर बरामद किए गए हैं।
DSP लम्बोदर पटेल के अनुसार, प्रार्थी राजकुमार टंडन, जो ग्राम गुल्लू में ‘राजहंस चॉइस सेंटर’ चलाते हैं और गैस वितरण का कार्य करते हैं, ने 27 जनवरी को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में कहा गया कि 20 जनवरी को जब वे निजी काम से आरंग गए थे, तब अज्ञात चोरों ने उनकी दुकान के सामने रखे 04 भरे हुए एचपी सिलेंडर चोरी कर लिए थे। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर एक संदिग्ध व्यक्ति नीले रंग की एक्टिवा पर अपने साथी के साथ सिलेंडर ले जाते हुए दिखाई दिया।
वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी हरीश कुमार साहू के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। तकनीकी विश्लेषण और फुटेज के आधार पर संदेही की लोकेशन रायपुर के राजेंद्र नगर क्षेत्र में मिली। पुलिस ने तत्काल दबिश देकर आरोपी कन्हैयालाल राजपाल सिंधी को उसके घर के पीछे से पकड़ लिया। पूछताछ में कन्हैयालाल ने अपने साथी मुकेश कुकरेजा के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया और बताया कि वह लंबे समय से रायपुर और महासमुंद जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय था।
आरोपी द्वारा दिए गए विवरण के अनुसार उसने अब तक निम्नलिखित चोरियां की हैं:
दिसंबर 2025: पटेवा (महासमुंद) से 02 सिलेंडर
04 जनवरी 2026: गुढ़ियारी (रायपुर) से 02 सिलेंडर
10 जनवरी 2026: बसना कॉलोनी (महासमुंद) से 01 सिलेंडर
13 जनवरी 2026: अभनपुर से 02 सिलेंडर
25 जनवरी 2026: सांकरा-भगतदेवरी (महासमुंद) से 02 सिलेंडर
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने गुढ़ियारी स्थित ‘गुप्ता बर्तन दुकान’ पर छापा मारा। दुकानदार विकास कुमार गुप्ता चोरी के सिलेंडरों को कम दाम में खरीदता था। पुलिस ने उसकी दुकान से 11 खाली सिलेंडर बरामद किए।
मुख्य आरोपी कन्हैयालाल राजपाल सिंधी आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ रायपुर के पुरानी बस्ती, टिकरापारा और देवेंद्र नगर थानों में भी चोरी के मामले दर्ज हैं।

गिरफ्तार आरोपी:
कन्हैयालाल राजपाल सिंधी (48 वर्ष), निवासी न्यू राजेंद्र नगर, रायपुर
विकास कुमार गुप्ता (23 वर्ष), निवासी गुढ़ियारी, रायपुर
इस कार्रवाई में सउनि पुष्पानंद ध्रुव, प्रआर प्रदीप त्रिपाठी, आरक्षक युगलकिशोर चंद्राकर और सैनिक दुर्गेश चंद्राकर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है।