बलौदाबाजार-भाटापारा । छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के एडिशनल सेशन कोर्ट ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी मनहरण नवरंगे को दोषी ठहराया। कोर्ट ने उसे 20 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई और आर्थिक दंड भी लगाया।
विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने बताया कि पीड़िता के पिता ने 25 मार्च 2024 को थाना सुहेला में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 15 वर्ष 8 माह की नाबालिग बेटी 24 मार्च 2024 की शाम 4.30 बजे घर से बिना बताए चली गई। रिपोर्ट के आधार पर अपराध दर्ज किया गया। जांच में पीड़िता को 27 मार्च 2024 को आरोपी के कब्जे से हिरमी तिराहा से बरामद किया गया।
पीड़िता ने बयान में बताया कि आरोपी मनहरण नवरंगे ने नाबालिग होने की जानकारी होने के बावजूद शादी का प्रलोभन देकर 24 मार्च 2024 को भगाया और शारीरिक संबंध बनाया। गवाहों के बयान दर्ज कर, जप्ती, मुलाहिजा और गिरफ्तारी के बाद चालान कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट में सभी गवाहों के बयान दर्ज हुए। विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने अंतिम बहस में आरोपी को कठोर सजा देने की मांग की। अपर सत्र न्यायाधीश सतीश कुमार जायसवाल ने प्रकरण की गंभीरता, साक्ष्यों और गवाहों का परीक्षण कर आरोपी को दोषी ठहराया।
कोर्ट ने पाक्सो एक्ट की धारा में 20 वर्ष कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड, धारा 363 में 3 वर्ष कठोर कारावास और 100 रुपये अर्थदंड तथा धारा 366 में 5 वर्ष कठोर कारावास और 500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। शासन की ओर से पैरवी विशेष लोक अभियोजक संजय बाजपेयी ने की और विवेचना सहायक उपनिरीक्षक विरेन्द्र सिंह ने की।