शासकीय बाजार मद की भूमि पर अवैध कब्जे का प्रयास, ग्रामीणों का फूटा आक्रोश

सोनहत (कोरिया)। कोरिया जिले के सोनहत विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रजौली में शासकीय बाजार मद की भूमि पर किए जा रहे अवैध कब्जे के प्रयास को लेकर शनिवार को गांव में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित हो गई। आरोप है कि गांव के ही राकेश सोनी द्वारा बाजार मद की शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया जा रहा था। इस मामले को लेकर पहले ही ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त था, जो अंततः उग्र आक्रोश में बदल गया।

प्रशासन की अनदेखी से बढ़ा अतिक्रमणकारी का हौसला

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों का कहना है कि शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण रोकने के लिए वे कई बार शासन-प्रशासन के समक्ष आवेदन एवं निवेदन कर चुके थे। पंचायत स्तर से लेकर तहसील व अन्य विभागों को लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण अतिक्रमणकारी के हौसले बढ़ते गए। इसी लापरवाही का फायदा उठाते हुए बाजार मद की बहुमूल्य शासकीय जमीन पर कब्जे का प्रयास किया गया।

पंचायत निर्माण को पीएम आवास बताकर राशि आहरण का आरोप

जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत रजौली द्वारा बाजार क्षेत्र में पंचायत दुकान के निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। आरोप है कि उक्त अतिक्रमणकारी ने इस निर्माण को अपना प्रधानमंत्री आवास बताकर जियो-टैग करा लिया और शासकीय योजना की राशि का आहरण कर लिया। इसके बाद दबंगई के बल पर पंचायत द्वारा कराए जा रहे शासकीय निर्माण कार्य पर भी कब्जा जमा लिया गया। इतना ही नहीं, दुकान के आसपास की खाली शासकीय भूमि पर भी घेराबंदी कर आगे और अतिक्रमण की तैयारी की जा रही थी।

उग्र ग्रामीणों ने हटाया कब्जा, ढांचे को किया आग के हवाले

जब इस बात की जानकारी ग्रामीणों को हुई, तो सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं पंचायत से जुड़े लोग एकत्र हो गए। देखते ही देखते माहौल आक्रोशपूर्ण हो गया। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय रहते अवैध कब्जे को नहीं रोका गया, तो भविष्य में पूरे बाजार क्षेत्र पर अतिक्रमण हो जाएगा और पंचायत की जमीन निजी स्वार्थ की भेंट चढ़ जाएगी। इसी आक्रोश में ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर अवैध कब्जे को हटाया और अतिक्रमण से संबंधित ढांचे को आग के हवाले कर दिया।

प्रशासन को सख्त संदेश और निष्पक्ष जांच की मांग

ग्रामीणों ने स्पष्ट शब्दों में संदेश दिया कि अब गांव की किसी भी शासकीय भूमि पर कोई भी व्यक्ति अवैध कब्जा नहीं कर सकेगा। गांव के लोगों ने इसे अपनी “सक्रिय पहल” बताते हुए कहा कि यदि प्रशासन समय रहते कार्रवाई नहीं करेगा, तो वे शासकीय संपत्ति की रक्षा के लिए एकजुट होकर खड़े रहेंगे। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री आवास से जुड़ा मामला वर्तमान में सोनहत तहसील न्यायालय में विचाराधीन है और उन्हें निष्पक्ष फैसले की उम्मीद है। इसके बावजूद अतिक्रमणकारी द्वारा दबंगई के बल पर कब्जा किया जा रहा था। अब ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि अवैध जियो-टैग और राशि आहरण की जांच कर दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए।

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