नई दिल्ली। निवेश की दुनिया में जब भी मुनाफे की बात होती है, तो सबसे पहले सोना और चांदी का ख्याल आता है। लेकिन साल 2025 ने इस पुरानी सोच को पूरी तरह बदल दिया है। इस साल एक ऐसी धातु ने खामोशी से शानदार प्रदर्शन किया है जिसने बड़े-बड़े दिग्गजों को भी हैरान कर दिया है। हम बात कर रहे हैं प्लेटिनम (Platinum) की। इस कीमती मेटल ने अपने रिटर्न से निवेशकों की झोली भर दी है और मुनाफे के मामले में सबको पीछे छोड़ दिया है।
150 फीसदी से ज्यादा का बंपर रिटर्न
अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो ठीक एक साल पहले प्लेटिनम की कीमत करीब 900 से 950 डॉलर प्रति औंस के आसपास थी। लेकिन आज इसकी कीमत उछलकर लगभग 2470 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई है। यानी महज 12 महीनों में निवेशकों को 150 फीसदी से ज्यादा का रिटर्न मिला है। इसकी तुलना में सोना और चांदी इस दौरान करीब 40 फीसदी तक ही बढ़ पाए हैं, जो प्लेटिनम के मुकाबले काफी कम है।
क्यों बढ़ रही है प्लेटिनम की कीमत?
बाजार के जानकारों का कहना है कि प्लेटिनम की इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी के पीछे सबसे बड़ी वजह इसकी ‘सीमित सप्लाई’ और ‘बढ़ती मांग’ है। प्लेटिनम दुनिया में बहुत कम मात्रा में पाया जाता है और इसकी खदानें भी गिनती की हैं। वहीं दूसरी ओर, बड़ी-बड़ी इंडस्ट्रीज में इसकी जरूरत तेजी से बढ़ रही है। जब किसी चीज की उपलब्धता कम और मांग ज्यादा होती है, तो कीमतों में इस तरह का उछाल आना स्वाभाविक है।
प्रदूषण कम करने से लेकर मेडिकल तक में इस्तेमाल
प्लेटिनम का सबसे ज्यादा उपयोग ऑटोमोबाइल सेक्टर में होता है। गाड़ियों के इंजन से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के लिए लगने वाले ‘कैटेलिटिक कन्वर्टर’ में इस धातु का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा:
ग्रीन एनर्जी: भविष्य की तकनीक माने जा रहे ‘हाइड्रोजन फ्यूल सेल्स’ में प्लेटिनम एक मुख्य हिस्सा है।
मेडिकल सेक्टर: दिल के पेसमेकर, दांतों के उपकरण और कैंसर जैसी बीमारियों की दवाओं में भी इसका बड़ा रोल है।
इलेक्ट्रॉनिक्स: इंडस्ट्रियल मशीनों और हाई-एंड इलेक्ट्रॉनिक्स में इसकी स्थिरता इसे बेहद जरूरी बनाती है।
ज्वेलरी बाजार में बढ़ती चमक
आजकल लोग सोने के बजाय प्लेटिनम की ज्वेलरी को ज्यादा पसंद कर रहे हैं। इसकी प्राकृतिक सफेद चमक, मजबूती और कभी जंग न लगने की खासियत इसे खास बनाती है। खासकर हाई-एंड ज्वेलरी और शादी की अंगूठियों के लिए यह युवाओं की पहली पसंद बनता जा रहा है।
एक्सपर्ट्स का मानना है कि जिस तरह से दुनिया ‘ग्रीन टेक्नोलॉजी’ और ‘इलेक्ट्रिक व्हीकल्स’ की ओर बढ़ रही है, आने वाले समय में प्लेटिनम की मांग और भी बढ़ सकती है। ऐसे में निवेशकों के लिए यह सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि भविष्य का सबसे मजबूत दांव साबित हो रहा है।