नई दिल्ली, 16 जनवरी 2026
भारतीय जनता पार्टी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस चुनाव में कुल 5708 निर्वाचक शामिल होंगे। आवश्यकता पड़ने पर 20 जनवरी को मतदान कराया जाएगा।
पार्टी की परंपरा के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव आम सहमति से होता है। इसी परंपरा के तहत इस बार भी चुनाव औपचारिक माना जा रहा है तथा नितिन नबीन का राष्ट्रीय अध्यक्ष चुना जाना लगभग तय है।
राजनीतिक एवं संगठनात्मक दृष्टि से यह चुनाव विशेष महत्व रखता है। पार्टी की स्थापना वर्ष 1980 के बाद पहली बार ऐसा हो रहा है जब वरिष्ठ नेता एवं संस्थापक सदस्य लाल कृष्ण आडवाणी तथा मुरली मनोहर जोशी राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन मंडल का हिस्सा नहीं होंगे।
बीजेपी संविधान के अनुसार राष्ट्रीय अध्यक्ष चुनाव से पूर्व संगठनात्मक चुनावों की निर्धारित प्रक्रिया अपनाई जाती है। इसमें बूथ स्तर से अध्यक्ष चुने जाते हैं, उसके बाद मंडल, जिला तथा प्रदेश स्तर पर चुनाव होते हैं। इन सभी चरणों के पूरा होने पर राष्ट्रीय परिषद एवं प्रदेश परिषदों के सदस्यों से निर्वाचन मंडल का गठन किया जाता है।
आडवाणी एवं जोशी दोनों दिल्ली से जुड़े राष्ट्रीय परिषद सदस्य माने जाते थे। दिल्ली प्रदेश संगठन के चुनाव अभी पूरे नहीं होने के कारण दिल्ली से राष्ट्रीय परिषद सदस्य निर्वाचित नहीं हो सके हैं। इसीलिए इन दोनों नेताओं को निर्वाचन मंडल में शामिल नहीं किया जा सका है।
नितिन नबीन वर्तमान में पार्टी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष हैं। यदि वे निर्विरोध चुने जाते हैं तो वे बीजेपी के सबसे युवा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनेंगे। चुनाव प्रक्रिया के तहत 19 जनवरी को नामांकन भरे जाएंगे तथा 20 जनवरी को नए अध्यक्ष की घोषणा की जाएगी।
यह बदलाव पार्टी में नई पीढ़ी के नेतृत्व को आगे लाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।