छत्तीसगढ़ में सुशासन का नया अध्याय: मुख्य सचिव विकास शील ने सचिवों को बनाया ‘मैदानी योद्धा’, 26 नवंबर से शुरू होगी मीडिया ब्रीफिंग की नई परंपरा

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में सुशासन को मजबूत करने के लिए प्रशासनिक ढांचे में बदलाव कर रही है। विभागीय सचिवों की भूमिका अब मंत्रालय तक सीमित नहीं रहेगी। नए मुख्य सचिव विकास शील ने कार्यभार संभालते ही सचिवों को फाइल निपटान से हटाकर मैदानी जिम्मेदारियां सौंपनी शुरू कर दी हैं।

पारंपरिक रूप से सरकारी योजनाओं का प्रचार और मीडिया संवाद जनसंपर्क विभाग की जिम्मेदारी रही है। यह विभाग मुख्यमंत्री के अधीन कार्य करता है। जनसंपर्क सचिव और जनसंपर्क आयुक्त सरकारी कार्यक्रमों की सूचनाएं मीडिया को जारी करते हैं। सोशल मीडिया पर भी योजनाओं की जानकारी साझा की जाती है। मंत्रिमंडल बैठक के बाद कैबिनेट निर्णयों की ब्रीफिंग वरिष्ठ मंत्री करते हैं। वर्तमान में उप मुख्यमंत्री अरुण साव अधिकांश बैठकों के बाद मीडिया को जानकारी देते हैं।

मुख्य सचिव विकास शील ने सभी विभागीय सचिवों और प्रमुख सचिवों को निर्देश दिया है कि वे सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन, आंकड़ों और जमीनी स्थिति से पूरी तरह अवगत रहें। उनका मानना है कि विभाग प्रमुख यदि जमीनी हकीकत से जुड़े रहेंगे तो जनहित में बेहतर निर्णय लिए जा सकेंगे। इस उद्देश्य से सचिवों को नियमित रूप से विभागीय उपलब्धियां और योजनाएं मीडिया से साझा करने को कहा गया है।

इस पहल की शुरुआत 26 नवंबर को होगी। खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं संरक्षण तथा राजस्व विभाग की सचिव श्रीमती रीना बाबा साहेब कंगाले नवा रायपुर में मीडिया को पिछले दो वर्षों की विभागीय उपलब्धियां और आगामी योजनाओं की जानकारी देंगी।

इससे पहले धान खरीदी की तैयारियों के दौरान भी सचिवों की मैदानी भूमिका प्रभावी रही। धान खरीदी केंद्रों के ऑपरेटर हड़ताल पर थे और 15 नवंबर की निर्धारित तिथि नजदीक थी। सरकार ने सभी सचिवों को प्रभार वाले जिलों में भेजकर तैयारियों की समीक्षा कराई। दो दिनों में पूरे प्रदेश की समीक्षा पूरी हो गई और खरीदी समय पर शुरू हुई।

यह कदम प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।

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