Human trafficking: मानव तस्करी गैंग का खुलासा, विदेश में नौकरी देने का झांसा देकर ले गये

मानव तस्करी गैंग का खुलासा, विदेश में नौकरी देने का झांसा देकर ले गये

दुर्ग। जिला पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुये अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी व धोखाधड़ी करने वाली महिला सहित तीन आरोपियों को पुलिस ने मुंबई से गिरफ्तार किया है। तीनों ने मिलकर लाओस में स्थित एक कंपनी में कम्यूटर ऑपरेटर की नौकरी लगाने के नाम पर भिलाई के युवक से दो लाख की ठगी की थी। पीडि़त युवक को लाओस ले गए थे, फिर वहां एक कंपनी में उससे ठगी का काम करवाने लगे। युवक ने काम करने से इनकार किया और किसी तरह वह से लौटकर भिलाई पहुंचा। पीडि़त की शिकायत के बाद पुलिस ने छापामार कार्रवाई करते हुये महाराष्ट्र से तीन आरोपियों को पकड़ा है।

जानिए पूरा मामला
दरअसल, भिलाई निवासी प्रार्थी ने सायबर रेंज थाना दुर्ग में रिपोर्ट दर्ज कराया कि लाओस में कम्प्युटर आपरेंटर के पद पर अधिक सैलरी में काम कराने का विज्ञापन दिखाकर 2 लाख की धोखाधड़ी की गई है। रिपोर्ट पर रेंज सायबर थाना दुर्ग में धारा 318 (4), 3(5) बी0एन0एस0 पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। पीडि़त से पूछताछ पर यह तथ्य भी सामने आया कि उसे लाओस में कम्प्यूटर आपरेटर के पद पर नौकरी लगवाने के नाम पर आरोपीयों के द्वारा भेजा गया था जहा पर जाने के बाद प्रार्थी को स्कैम करने कि ट्रेनिंग 2 दिन तक दी गई। प्रार्थी द्वारा स्कैम करने से मना करने पर एजेंट एडी अली और जैक के द्वारा उसे एक कमरे में अपने साथ रखे थे। पीडि़त की शिकायत पर मानव तस्करी से संबंधित धारा 143 (2) बीएनएस जोडी गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएसपी शिल्पा साहू की नेतृत्व में विवेचना में लिया गया।

आरोपी साजन शेख, रफीक उर्फ रफी एवं महिला आरोपी की खोज शुरू की गई। बैंक डिटेल के आधार पर आरोपियों का लोकेशन गोरेगांव मुम्बई के आसपास पाया गया। दुर्ग रेंज से 5 सदस्यीय विशेष टीम बना कर आरोपी पतासाजी हेतु मुम्बई रवाना किया गया। टीम द्वारा गोरेगांव मुम्बई जाकर आरोपियों के मोबाइल नंबर के लोकेशन एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियो की पहचान की गई। जिसके बाद मुम्बई के अलग अलग लोकेशन से साजन शेख एवं रफीक उर्फ रफी को घेराबंदी कर पकड़ा गया। साथ ही महिला आरोपी को उसके घर से पकड़ा गया। टीम द्वारा स्थानीय थाना गोरेगांव पश्चिम मुम्बई से मदद लेकर रेड कार्रवाई कर आरोपी के कब्जे से घटना में 3 नग मोबाइल जब्त किया गया है एवं आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।
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पूछताछ करने पर यह तथ्य सामने आया कि साजन शेख व सहयोगी महिला विदेश में नौकरी करने का विज्ञापन दिखाकर इच्छुक लोगो को विदेश में नौकरी लगवाने का काम करते थे। वर्ष 2022 में वीएस एंटरप्राइजेज मैनपावर कंसल्टेंसी प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी बनाये जो लाईसेंसी नही है। इस कंपनी के माध्यम से गल्फ कंट्री- साउदी, दुबई, ओमान, कुवैत में नौकरी लगाने एवं विजा सर्विस देने के नाम पर पैसा लेते है। प्रकरण के प्रार्थी से रफी उर्फ रफीक खान ने ओमान लाओस में कम्प्यूटर आपरेटर का काम बताकर साजन शेख और महिला आरोपी गोरेगांव वेस्ट से मुलाकात कराया।
एजेंट का काम करता है। उक्त कंपनी का संचालक साजन शेख और सहयोगी महिला (आरोपी) है। तीनो ने प्रार्थी को विश्वास में लेकर प्रार्थी को लाओस में स्थित गोल्डन ट्राइंगल में गोल्डन लिंक सर्विस ट्रेड कंपनी में कम्प्यूटर आपरेटर की नौकरी लगाने का आफर देते थे। जिसकी सर्विस चार्ज के नाम पर प्रार्थी से 11 अगस्त को 50000 रफीक उर्फ रफी खान के फोन नंबर पर यूपीआई ट्रांजेकशन किया।

ऐसे ही 12 अगस्त को एक लाख पचास हजार रुपये रफीक के बैंक खाते में ट्रांसफर किया था। इसके बाद आरोपियों के द्वारा एयर टिकट कर प्रार्थी को थाईलैण्ड होते हुए लाओस भेजा गया। लाओस में जाकर प्रार्थी को गोल्डन ट्रॅगल एरिया में ले जाया गया जहां प्रार्थी को कंपनी के मैनेजर विदेशी व्यक्ति से मिलवाया गया। वहां प्रार्थी को कम्प्यूटर आपरेटर के रूप में काम करने कुछ विडियो दिखाये जो सायबर फ्राड (स्कैम) की प्रकृति के थे। प्रार्थी द्वारा उक्त काम नहीं करने कहने पर प्रार्थी को चार से पांच दिन वहां रोककर रखे थे। पुलिस जांच में पता चला कि लाओस में करीब 8 से 10 लोग देश के विभिन्न हिस्सो से फसे होने की बात सामने आ रही है। लाओस एवं थाईलैंड में सायबर सलेवरी के फसे लोगो को बचाने हेतु इस कार्य में लगे आरोपियो पर इंटर पोल के माध्यम से कार्यवाही की जायेगी।

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