Wealth Managers Shortage in India: भारत में इन दिनों रईसों और करोड़पतियों की संख्या काफी तेजी से बढ़ रही है। हालत यह है कि देश में जितनी तेजी से अमीर लोग सामने आ रहे हैं, उनके पैसे का हिसाब-किताब रखने और सही जगह निवेश करवाने वाले सलाहकारों की भारी कमी हो गई है। पिछले कुछ सालों में बहुत ज्यादा संपत्ति वाले भारतीयों की गिनती में बड़ा उछाल आया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि देश में ऐसे रईसों का पोर्टफोलियो संभालने वाले अनुभवी मैनेजर बहुत कम संख्या में उपलब्ध हैं।
अमीरों की सुनामी और सलाहकारों का संकट
आंकड़ों के मुताबिक, देश में बहुत अधिक संपत्ति वाले लोगों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है और आने वाले कुछ सालों में यह आंकड़ा और भी ज्यादा बढ़ने की उम्मीद है। अकेले देश के बड़े शहरों में ऐसे अमीर लोगों की एक बड़ी आबादी निवास करती है। लेकिन असली परेशानी यह है कि इन रईसों को वित्तीय सलाह देने वाले विशेषज्ञ बाजार में जरूरत के हिसाब से मौजूद नहीं हैं। इस वजह से कंपनियों और बैंकों के सामने एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
मैनेजरों की चांदी, मिल रहा तगड़ा इंक्रीमेंट
अनुभवी सलाहकारों की इस कमी का सीधा फायदा इस क्षेत्र में काम कर रहे लोगों को मिल रहा है। बाजार में टैलेंट की भारी किल्लत के कारण कंपनियां एक-दूसरे के यहां से अच्छे मैनेजरों को अपने पाले में लाने के लिए काफी कोशिशें कर रही हैं। इसके लिए उन्हें बहुत ज्यादा सैलरी हाइक और भारी-भरकम बोनस भी दिए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि नए लोगों को इस काम के लिए तैयार करने में काफी लंबा समय लगता है, इसलिए कंपनियां सीधे अनुभवी लोगों को मुंहमांगी कीमत पर नौकरी पर रख रही हैं।
डिजिटल तकनीक और भविष्य की राह
देश में डिजिटल लेनदेन और खातों की संख्या तेजी से बढ़ी है, लेकिन अल्ट्रा-रिच ग्राहकों को आज भी एक भरोसेमंद इंसान की जरूरत होती है जो उनके पैसे की देखभाल कर सके। तकनीकी मदद से काम भले ही कुछ आसान हो जाए, लेकिन व्यक्तिगत सलाह और भरोसे की जगह कोई नहीं ले सकता। आने वाले समय में संपत्ति का यह बड़ा दायरा और अधिक अनुभवी प्रोफेशनल्स की मांग को बढ़ाने वाला है।
