Supreme Court on Student Protest : देश में चल रहे छात्र आंदोलनों और उसके बाद हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने एक बड़ा और महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि प्रदर्शन के दौरान शामिल होने वाले निर्दोष छात्रों के खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई नहीं की जानी चाहिए। इसके साथ ही शीर्ष अदालत ने बेकसूर और नाबालिग प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा करने का निर्देश भी दिया है।
शीर्ष अदालत की बेंच का कड़ा रुख
इस मामले की सुनवाई देश के मुख्य न्यायाधीश सूर्य कांत और अन्य न्यायमूर्तियों की बेंच द्वारा की जा रही है। सुनवाई के दौरान अदालत ने माना कि छात्रों का यह विरोध प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण और उनके संवैधानिक अधिकारों के दायरे में था। हालांकि, कोर्ट ने यह भी साफ किया कि जिन लोगों का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और जो हिंसा में शामिल थे, उन्हें किसी भी तरह की कानूनी छूट नहीं दी जाएगी।
सबूत सुरक्षित रखने और अगली सुनवाई के निर्देश
मामले की गंभीरता को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि घटना से जुड़े सभी सीसीटीवी फुटेज, ड्रोन वीडियो, कैमरे की रिकॉर्डिंग और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने पुलिस की तरफ से हुई कार्रवाई की निष्पक्ष जांच पर भी जोर दिया है। इस मामले की अगली सुनवाई अब तीन अगस्त को होगी, जिसमें सभी पक्षों को अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा।