Raipur News : रायपुर। भाजपा के प्रस्तावित राजीव भवन घेराव को लेकर बुधवार को राजधानी रायपुर में राजनीतिक तनाव चरम पर पहुंच गया। भाजपा कार्यकर्ताओं के कांग्रेस मुख्यालय की ओर बढ़ने से पहले ही प्रदेश कांग्रेस ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल राजीव भवन पहुंचने का संदेश जारी कर दिया। इसके बाद बड़ी संख्या में दोनों दलों के कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए और प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर लंबे समय तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
शहर जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से जारी अति आवश्यक सूचना में कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से दोपहर 1.15 बजे तक शंकर नगर स्थित राजीव भवन पहुंचने का आग्रह किया गया। अंबेडकर चौक पर मौजूद कार्यकर्ताओं को भी सीधे कांग्रेस मुख्यालय पहुंचने के निर्देश दिए गए। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कार्यकर्ता राजीव भवन पहुंच गए, जिसके बाद वहां सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई।
भाजपा पर पथराव और सुनियोजित हमले का आरोप
घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने पत्रकारों से चर्चा करते हुए भाजपा और राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकतांत्रिक विरोध के बजाय सुनियोजित तरीके से कांग्रेस मुख्यालय को निशाना बनाया। उनका आरोप था कि भाजपा कार्यकर्ता पत्थर, लाठियां, पानी की बोतलें और पुराने चप्पल लेकर पहुंचे तथा कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पथराव किया गया।
पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल, दर्जनों कार्यकर्ता घायल
कांग्रेस ने पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। सुशील आनंद शुक्ला का कहना है कि पुलिस ने निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को नियंत्रित करने के लिए पांच आंसू गैस के गोले छोड़े तथा पानी की बौछार का इस्तेमाल किया, जबकि भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई नहीं की गई। कांग्रेस के अनुसार इस घटनाक्रम में महिला कार्यकर्ताओं सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए हैं।
मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग
पार्टी ने राज्य सरकार के मंत्रियों को भी सीधे निशाने पर लिया है। कांग्रेस का आरोप है कि गृह मंत्री सहित कई मंत्री स्वयं प्रदर्शन में शामिल होकर कांग्रेस मुख्यालय तक पहुंचे। पार्टी का कहना है कि जिन लोगों पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी है, उनका इस तरह राजनीतिक प्रदर्शन का हिस्सा बनना लोकतांत्रिक व्यवस्था और संवैधानिक मर्यादाओं के विपरीत है। कांग्रेस ने राज्यपाल से ऐसे मंत्रियों को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग भी की है।
कानूनी और राजनीतिक लड़ाई की तैयारी
कांग्रेस ने पूरे घटनाक्रम को लोकतांत्रिक परंपराओं पर हमला बताते हुए कहा कि वह इस मामले को राजनीतिक और कानूनी दोनों स्तरों पर उठाएगी। पार्टी का कहना है कि विपक्ष की आवाज दबाने का हर प्रयास लोकतंत्र के लिए चिंताजनक है। वहीं, समाचार लिखे जाने तक भाजपा की ओर से कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी।