देश के जाने-माने उद्योगपति अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता रिसोर्सेज लिमिटेड ने एक बड़े वित्तीय समझौते के तहत भारी-भरकम राशि जुटाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है. कंपनी ने शेयर बाजारों को दी गई आधिकारिक जानकारी में बताया है कि वेदांता ने लगभग इक्कीस हजार करोड़ रुपए की अधिकतम सीमा वाले एक विशेष समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं. इस कदम से कंपनी को अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत करने में काफी मदद मिलने वाली है.
कंपनी की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार यह समझौता बीस जुलाई को किया गया था. इसके तहत वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड के शेयरों पर कुछ विशेष शर्तें लागू की गई हैं. कंपनी ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह शेयरों को कर्ज के बदले गिरवी रखना नहीं है, बल्कि नियमों के दायरे में की गई एक खास व्यवस्था है. समझौते की शर्तों के मुताबिक समूह को कंपनी में अपनी बहुसंख्यक हिस्सेदारी और पूरा नियंत्रण अपने पास रखना जरूरी होगा.

इस बड़ी फंडिंग से मिलने वाली राशि का उपयोग मुख्य रूप से कंपनी के पुराने कर्जे और उन पर लगने वाले भारी-भरकम ब्याज को चुकाने के लिए किया जाएगा. इसके अलावा इस पैसे का इस्तेमाल कारोबार से जुड़ी सामान्य जरूरतों और अन्य खर्चों को पूरा करने के लिए भी किया जाएगा. इस बड़े वित्तीय लेन-देन में दुनिया के कई नामी-गिरामी बैंक और वित्तीय संस्थान शामिल हैं, जो कंपनी को सहयोग दे रहे हैं.
इस समझौते के सामने आने के बाद से बाजार में इसकी काफी चर्चा हो रही है. जानकारों का मानना है कि इस कदम से कंपनी पर वित्तीय दबाव कम होगा और वह अपने आगामी प्रोजेक्ट्स पर और अधिक मजबूती के साथ ध्यान केंद्रित कर पाएगी. कंपनी के इस फैसले से निवेशकों की नजरें भी आने वाले समय में होने वाले बदलावों पर टिकी हुई हैं.