दिलीप गुप्ता
सरायपाली : प्रथम जिला एवं अतिरिक्त न्यायाधीश सरायपाली के न्यायालय में विगत् दिनो तीन गंभीर प्रकरणों में दोषसिध्दी पाते हुए आरोपीयों को दण्डादेश किया गया। विशेष न्यायाधीश NDPS श्री पवन कुमार अग्रवाल के न्यायालय में गांजा से संबंधित दो प्रकरण में निर्णय दिया गया था।
प्रथम मामला थाना सिंघोडा के अपराध कमांक 78/2024 में आरोपी राजेश ठाकुर एवं भगत रजक दोनो निवासी जिला जबलपुर मध्यप्रदेश को 2 किलो 100 ग्राम. गांजा परिवहन के आरोप में दोषी पाते हुए उनके द्वारा विचारण के दौरान कारावास में व्यतित अवधि के कारावास से दण्डित किया। आरोपी घटना दिनांक 04/10/2024 से निर्णय सुनाने दिवस तक अभिरक्षा में थे। उक्त प्रकरण के विवेचना लक्ष्मण साहू के द्वारा सम्पन्न की गई थी। एक अन्य मामले में आरक्षी केन्द्र सिंघोडा के अपराध कमांक 83/2020 आरोपी को गोपीनंद कुम्हार निवासी कस्तुराबहाल, रंजित दास निवासी गुठानीपाली दोनो तहसील सरायपाली को बोलेरो कमांक CG 06 GR 7790 में वाणिज्यीक मात्रा का 22 किलो ग्राम गांजा अवैध रूप से परिवहन करने अपने आधिपत्य में रखने के मामले में दोषी पाते हुए दोनो आरोपीयों को 12-12 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1-1 लाख रू. के अर्थदण्ड से दण्डित किया गया। अर्थदण्ड भुगतान न करने पर 1 वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास से दण्डित किया गया। उक्त मामले में स्वतंत्र साक्षी कश्यम पटेल, साहेबराम पटेल, पंकज गुप्ता ने अभियोजन का साथ नहीं दिया, परन्तु पुलिस साक्षी कार्तिकराम रात्रे, जीर्वधन बरिहा, अजय भाोई, अजय कुमार ब्रम्हे तथा विवेचक सहायक उपनिरीक्षक अखिल साहू के अखण्डीत न्यायालयीन कथन से अभियोजन अपने मामला को सिध्द करने सफल रहा। उक्त दोनो मामले की पैरवी विशेष लोक अभियोजक देवेन्द्र कुमार शर्मा के द्वारा पैरवी की गई।
द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश श्री पंकज आलोक तिर्की के न्यायालय में थाना बसना के अपराध क्रमांक 151/2022 में आरोपी राजकुमार अजय निवासी मधुबन / भंवरचुंवा थाना बसना जिला महासमुंद छ०ग० को सिर में मारपीट कर चोट पहुंचाकर हत्या करने के आरोप में दोषी पाया और उसे आजीवन कारावास के दण्ड से दण्डित किया गया। आरोपी राजकुमार अजय ने दिनांक 07/04/2022 को अपनी पत्नि रजनी उर्फ राजेश्वरी के मुंह, चेहरा एवं सिर में लकडी का फट्टा से मारकर गंभीर चोटे पहुॅचाकर उसकी हत्या कारित किये जाने के अपराध में आरोप पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया था, जिस पर अभियोजन साक्षीयों तथा परिस्थिति जनक साक्ष्य से न्यायालय में आरोपी को दोषसिध्दी किया गया। मामले की पैरवी अतिरिक्त लोक अभियोजक जे.के. पटेल के द्वारा किया गया।