देश के बड़े हिस्सों में इन दिनों मानसून ने अचानक ब्रेक ले लिया है। मौसम विभाग का कहना है कि अगले 6 से 7 दिनों तक उत्तर-पश्चिम, मध्य और दक्षिण भारत में बारिश की रफ्तार काफी धीमी रहेगी। बीते 11 साल में यह तीसरा ऐसा मौका है जब जुलाई के महीने में मानसून इस तरह सुस्त पड़ गया है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत, बिहार और पश्चिम बंगाल में अभी भी मूसलाधार बारिश का दौर जारी है।
मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कम बारिश
मानसून की सुस्ती का असर उत्तर और मध्य भारत में साफ दिखने लगा है। मध्य प्रदेश में पहली बार जुलाई के दौरान बारिश का आंकड़ा सामान्य से 3 प्रतिशत कम दर्ज किया गया है। वहीं उत्तर प्रदेश में स्थिति और चिंताजनक है। राज्य में सामान्य से 19 प्रतिशत कम बारिश हुई है। राजस्थान में तो पिछले 24 घंटे में एक बूंद भी बारिश नहीं हुई है, जिसके चलते श्रीगंगानगर में तापमान 41.5 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है।

पूर्वोत्तर में बाढ़ और तबाही
एक तरफ जहां देश के कुछ हिस्सों में बारिश का इंतजार है, वहीं पूर्वोत्तर के राज्य बाढ़ की मार झेल रहे हैं। असम, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश से जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। अरुणाचल प्रदेश में कुमे नदी में आई बाढ़ के बाद भारत-चीन सीमा पर तैनात आईटीबीपी के 15 जवानों से संपर्क टूटने की दुखद खबर है। असम में भी नदियां उफान पर हैं, जिससे कई गांव डूब गए हैं और सड़कें टूट गई हैं।
गर्मी का नया रूप: हीट इंडेक्स
बारिश न होने और हवा में नमी बढ़ने के कारण अब लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। मौसम विज्ञान में इसे हीट इंडेक्स यानी महसूस होने वाला तापमान कहते हैं। इसका मतलब है कि तापमान तो थर्मामीटर पर कम दिखता है, लेकिन नमी के कारण शरीर को वह कहीं ज्यादा गर्म महसूस होता है।
मिसाल के तौर पर, भुवनेश्वर में पारा 36 डिग्री होने के बावजूद नमी के कारण 49 डिग्री जैसी गर्मी लग रही है। इसी तरह मुंबई में भी लोग 40 डिग्री वाली गर्मी महसूस कर रहे हैं। दिल्ली और राजस्थान के कुछ इलाकों में भी हीट इंडेक्स 45 से 46 डिग्री के आसपास बना हुआ है, जो लोगों के लिए बड़ी परेशानी का सबब है।