रायपुर 08 जुलाई 2026
छत्तीसगढ़ में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत कोई भी गरीब परिवार पक्के मकान से वंचित न रहे, इसके लिए राज्य सरकार ने केंद्र से एक बड़ी मांग की है। प्रदेश के उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने ‘आवास प्लस 2.0’ सर्वे के दौरान आई तकनीकी और व्यावहारिक दिक्कतों का हवाला देते हुए, छूटे हुए पात्र हितग्राहियों को योजना में शामिल करने का विशेष आग्रह किया है।
पत्र की मुख्य बातें और उपमुख्यमंत्री की मांगें
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने पत्र में छत्तीसगढ़ के ग्रामीण इलाकों में सर्वे के दौरान जमीनी स्तर पर आई दो बड़ी समस्याओं को प्रमुखता से रेखांकित किया है:
पलायन के कारण छूटे परिवार: 24 जून को जब प्रदेशभर की ग्राम सभाओं में ‘आवास प्लस 2.0’ की पात्रता सूची रखी गई, तब यह बात सामने आई कि सर्वे के समय कई गरीब परिवार रोजगार या अन्य कारणों से पलायन कर चुके थे। गांव में मौजूद न होने के कारण उनका नाम सूची में दर्ज नहीं हो सका।
तकनीकी खामियां और पोर्टल की समस्या: कुछ परिवार ऐसे भी थे जिनका सर्वे तो अधिकारियों ने किया, लेकिन तकनीकी खराबी या पोर्टल पर डेटा अपडेट न होने की वजह से ग्राम सभा की सूची में उनका नाम प्रदर्शित नहीं हो पाया।
डिप्टी CM विजय शर्मा ने कहा: “इन तकनीकी और व्यावहारिक कारणों से छत्तीसगढ़ के बड़ी संख्या में गरीब और पात्र परिवार अपने हक के मकान से वंचित हो रहे हैं। केंद्र सरकार को इस विषय में जल्द ही कोई सकारात्मक निर्णय लेना चाहिए ताकि हर एक जरूरतमंद को छत मिल सके।”
केंद्रीय मंत्री के आश्वासन और ‘विकसित भारत’ का संकल्प
डिप्टी CM ने हाल ही में आयोजित हुए राष्ट्रीय ग्रामीण सम्मेलन की सफलता के लिए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को बधाई दी। उन्होंने पत्र में केंद्रीय मंत्री के उस बयान को याद दिलाया जिसमें शिवराज सिंह चौहान ने भरोसा दिया था कि देश का कोई भी पात्र परिवार बिना घर के नहीं रहेगा।
विजय शर्मा ने उम्मीद जताई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “सबके लिए आवास” और वर्ष 2047 तक “विकसित भारत” के संकल्प को पूरा करने में केंद्र सरकार छत्तीसगढ़ को अपना पूरा सहयोग देगी। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विकास में केंद्रीय मंत्री द्वारा मिल रहे निरंतर मार्गदर्शन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।