सीपत परियोजना को लेकर किसान इसलिए गुस्से में, रखीं ये मांगें

बिलासपुर/मस्तूरी। एनटीपीसी सीपत परियोजना के कारण प्रभावित किसानों का हाल बेहाल है। पिछले कई वर्षों से यहां के किसान अपनी जमीनों के दलदल और जलभराव की समस्या से जूझ रहे हैं। स्थिति इतनी खराब है कि अब खेती करना तो दूर, खेत तक पहुंचना भी दूभर हो गया है। हाल ही में करीब 30 किसानों का मुआवजा काटे जाने के बाद से ग्रामीणों में काफी आक्रोश है। किसानों का आरोप है कि एनटीपीसी के अधिकारी उनकी समस्याओं को नजरअंदाज कर रहे हैं, जिससे उन्हें हर साल मुआवजा पाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

बाहर से ही किया निरीक्षण

किसानों की लगातार शिकायतों के बाद सोमवार को एसडीएम और तहसीलदार प्रभावित क्षेत्र में पहुंचे। निरीक्षण के दौरान किसानों ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि अधिकारी खेतों के अंदर जाकर जायजा लेने के बजाय सड़क से ही स्थिति देखकर लौट गए। यदि अधिकारी खेतों के भीतर उतरते, तो उन्हें पता चलता कि जमीन किस तरह दलदल में बदल चुकी है। किसानों का कहना है कि उनके खेत अब खेत नहीं, बल्कि गहरे गड्ढे और खरपतवार का जंगल बन गए हैं।

जुताई करना हुआ नामुमकिन

पीड़ित किसानों ने अपनी पीड़ा बताते हुए कहा कि खेतों की हालत इतनी खराब है कि जुताई के लिए लाया गया ट्रैक्टर भी बीच खेत में फंस गया। उसे निकालने के लिए तीन और ट्रैक्टरों की मदद लेनी पड़ी, जिससे किसान को पांच हजार रुपये का अतिरिक्त बोझ उठाना पड़ा। हालात यह हैं कि कहीं मेड़ नहीं बची है, तो कहीं पानी की निकासी बंद होने से फसल पूरी तरह बर्बाद हो रही है। किसान लंबे समय से एनटीपीसी से या तो जमीन को खेती योग्य बनाने या फिर इसका स्थायी मुआवजा देने की मांग कर रहे हैं।

प्रशासन से निष्पक्ष जांच की मांग

निरीक्षण के समय मौजूद जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से मांग की है कि एनटीपीसी प्रबंधन को निर्देशित किया जाए कि वह खेतों को समतल करे, मेड़बंदी ठीक करे और जल निकासी का स्थायी इंतजाम करे। यदि एनटीपीसी ऐसा करने में सक्षम नहीं है, तो किसानों को हर साल होने वाले नुकसान के लिए स्थायी मुआवजा राशि दी जानी चाहिए। प्रशासन ने किसानों को जल्द राहत दिलाने का आश्वासन दिया है। अब देखना यह है कि क्या सालों से परेशान इन किसानों को न्याय मिल पाएगा या उन्हें मुआवजे के लिए हर साल इसी तरह संघर्ष करना पड़ेगा।

फोकस कीवर्ड: एनटीपीसी सीपत मुआवजा

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