बिलासपुर। जिले के शिक्षा विभाग में अनुकंपा नियुक्ति के नाम पर हुए एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ है। विभाग ने सहायक ग्रेड-03 पद पर कार्यरत नरेंद्र कुमार वैष्णव की सेवा तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी है। आरोप है कि उन्होंने अनुकंपा नियुक्ति पाने के लिए अपनी पत्नी के पहले से सरकारी नौकरी में होने की जानकारी विभाग से छिपाई थी। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
क्या है पूरा मामला
नरेंद्र कुमार वैष्णव की नियुक्ति वर्ष 2021 में बिल्हा विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सेमरताल में सहायक ग्रेड-03 के पद पर हुई थी। नियुक्ति के बाद शिकायत मिली थी कि उनकी पत्नी पहले से ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, मुंगेली में शासकीय सेवा में है। जांच में सामने आया कि दोनों का विवाह 30 जनवरी 2020 को हो चुका था। शासन के नियमों के अनुसार यदि परिवार का कोई सदस्य पहले से सरकारी नौकरी में है, तो दूसरे सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति का लाभ नहीं मिल सकता। कर्मचारी ने यह तथ्य विभाग से छिपाया था।
जवाब संतोषजनक नहीं मिला
शिकायत मिलने के बाद विभाग ने नरेंद्र कुमार को स्पष्टीकरण का मौका दिया था। लेकिन उनका जवाब विभाग को संतोषजनक नहीं लगा। इसके बाद विभाग ने नियुक्ति निरस्त कर उन्हें सेवा से हटा दिया। विभागीय सूत्रों का कहना है कि इस मामले को लेकर पहले भी कई बार शिकायतें की गई थीं, लेकिन उस समय कार्रवाई नहीं हुई थी। अब विभाग ने कड़ा रुख अपनाते हुए स्पष्ट कर दिया है कि नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अब वेतन वसूली पर सवाल
इस कार्रवाई के बाद अब विभाग में यह चर्चा जोरों पर है कि वर्ष 2021 से अब तक कर्मचारी ने जो वेतन लिया है, उसकी भरपाई कैसे होगी। लोग यह भी सवाल उठा रहे हैं कि आखिर नियुक्ति के समय दस्तावेजों की जांच में इतनी बड़ी चूक कैसे हुई। क्या उस समय के अधिकारियों ने जानबूझकर यह गलती की या फिर शिकायतों को नजरअंदाज किया गया। अब शासन स्तर पर वेतन वसूली की प्रक्रिया शुरू होने और इस मामले में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग भी तेज हो गई है।