छत्तीसगढ़ के सारंगढ़ बिलाईगढ़ जिले में पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने भारी मात्रा में अवैध गांजे के साथ दो अंतर्राज्यीय तस्करों को रंगे हाथों पकड़ा है। आरोपी एक बड़े ट्रक में इमली की बोरियों के नीचे गांजा छिपाकर ले जा रहे थे। जब्त किए गए गांजे की कीमत 9 लाख रुपये से ज्यादा बताई जा रही है। यह पूरी कार्रवाई डोंगरीपाली थाना क्षेत्र में हुई है।

मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने लगाया जाल
पुलिस को खुफिया जानकारी मिली थी कि ओडिशा के रास्ते भारी मात्रा में नशीले पदार्थ की सप्लाई होने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने सुहेला बरमकेला मुख्य मार्ग पर डोंगरीपाली मोड़ के पास घेराबंदी कर दी। इसी दौरान ओडिशा की तरफ से आ रहे एक संदिग्ध ट्रक को रोका गया। जब पुलिस ने ट्रक की जांच शुरू की तो चालक और उसका साथी घबराने लगे।
बारह टन इमली के नीचे छिपा रखी थी नशीली खेप
पुलिस ने जब ट्रक के डाले की बारीकी से तलाशी ली तो उसमें करीब 12 टन इमली की बोरियां लदी हुई थीं। पुलिस ने जब उन बोरियों को हटवाया तो नीचे छिपाकर रखे गए पैकेट बरामद हुए। इन पैकेटों में कुल 94 किलो अवैध गांजा भरा हुआ था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस गांजे की कीमत करीब 9 लाख 40 हजार रुपये आंकी गई है। पुलिस ने गांजे के साथ ही तस्करी में इस्तेमाल हो रहे ट्रक और तीन मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए हैं।
झारखंड और मध्यप्रदेश के रहने वाले हैं आरोपी
पकड़े गए तस्करों की पहचान झारखंड निवासी जगत मोदक और मध्यप्रदेश निवासी सुनील बर्मा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ नशीले पदार्थों की तस्करी से जुड़े कड़े कानून के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इन दोनों तस्करों से पूछताछ कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे यह गांजा कहां से लाए थे और इसे किसे सप्लाई करने वाले थे।