मुंबई के बायकुला इलाके में मोहर्रम के जुलूस के दौरान एक बेहद हैरान करने वाली घटना सामने आई है। यहां लोगों को दर्द की दवा बताकर चूहे मारने वाला जहर मिला कैप्सूल बांटा जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में पुणे के रहने वाले 39 साल के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से पुलिस ने करीब 1400 कैप्सूल भी जब्त किए हैं।
सच्चाई तब सामने आई जब जुलूस में शामिल सलमान सईद नाम के एक युवक ने यह कैप्सूल खा लिया। इसे खाते ही उसे तेजी से उल्टी होने लगी और बेचैनी महसूस होने लगी। आस-पास मौजूद लोग उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों के इलाज के बाद अब उसकी जान खतरे से बाहर है।
क्या है जिंक फॉस्फाइड और यह कितना खतरनाक हैक्या है जिंक फॉस्फाइड और यह कितना खतरनाक है
आरोपी जो कैप्सूल बांट रहा था, उसमें जिंक फॉस्फाइड नाम का खतरनाक केमिकल मिला हुआ था। आम भाषा में समझें तो यह चूहों और गिलहरियों को मारने वाली एक बेहद जहरीली दवा है। यह गहरे भूरे या काले रंग का रसायन होता है। जैसे ही यह पेट में जाता है, वहां मौजूद एसिड से मिलकर एक बेहद जहरीली गैस बनाता है। यह गैस शरीर के अंदर जाते ही अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचना बंद कर देती है, जिससे इंसान की जान भी जा सकती है।
पकड़े गए आरोपी का नाम प्रेमजी है और वह बिजनेस की पढ़ाई कर चुका है। पुलिस जांच में पता चला है कि वह मुंबई के डोंगरी इलाके के एक होटल में रुका हुआ था। उसने ये सारे कैप्सूल एक ऑनलाइन वेबसाइट से खरीदे थे। पूछताछ में आरोपी ने अजीब दावा किया कि मोहर्रम में मातम मनाने वाले लोगों के शरीर में जो दर्द होता है, यह कैप्सूल उसी दर्द को ठीक करने के लिए था।
इराक और ईरान की यात्रा कर चुका है आरोपी
पीड़ित युवक की शिकायत के बाद पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। आरोपी प्रेमजी पुलिस को कोई साफ जवाब नहीं दे पा रहा है कि उसने ऐसा क्यों किया। जांच में यह भी पता चला है कि वह इराक और ईरान की यात्रा भी कर चुका है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या आरोपी की मानसिक हालत ठीक है, या फिर इस पूरी साजिश के पीछे कोई और भी शामिल है। कैप्सूल को जांच के लिए सरकारी लैब में भेज दिया गया है।