सड़कों को नुकसान और हादसों की आशंका पर लोक निर्माण विभाग ने परिवहन विभाग से मांगी कार्रवाई
कोरिया, 25 जून 2026/ खेतों में उपयोग के लिए लगाए जाने वाले लोहे के दोहरे पिंजरे (आयरन केजव्हील) वाले ट्रैक्टरों के सड़कों पर संचालन को लेकर लोक निर्माण विभाग ने चिंता जताई है।
प्रमुख अभियंता, लोक निर्माण विभाग ने परिवहन विभाग को पत्र लिखकर ऐसे ट्रैक्टरों के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।
प्रमुख अभियंता द्वारा जारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि श्री त्रिलोचन पटेल द्वारा माननीय उच्च न्यायालय बिलासपुर में दायर जनहित याचिका के संदर्भ में परिवहन विभाग द्वारा न्यायालय में शपथ-पत्र प्रस्तुत किया गया था। इस शपथ-पत्र के साथ परिवहन आयुक्त का 30 सितंबर 2025 का पत्र भी संलग्न था, जिसमें स्पष्ट किया गया था कि ट्रैक्टर मुख्य रूप से किसानों द्वारा खेतों में उपयोग के लिए बनाए जाते हैं तथा उनमें लगाए जाने वाले नुकीले दोहरे पिंजरे वाले पहियों का उपयोग केवल कृषि कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।
पत्र में कहा गया था कि कई किसान बिना इन लोहे के पिंजरों को हटाए ही ट्रैक्टरों का संचालन डामर, सीमेंट सड़कों और राष्ट्रीय राजमार्गों पर कर रहे हैं, जो मोटर वाहन नियमों के विपरीत है। इससे सड़कें क्षतिग्रस्त होती हैं और दुर्घटनाओं की संभावना भी बढ़ जाती है। परिवहन विभाग ने उस समय जिला प्रशासन के सहयोग से जनजागरूकता अभियान चलाने, ग्रामीण क्षेत्रों में मोटरयान नियमों की जानकारी देने, स्थानीय स्तर पर जागरूक करने तथा उल्लंघन करने वाले वाहनों पर चालानी कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए थे।
लोक निर्माण विभाग ने अपने पत्र में बताया है कि विभागीय संभागीय अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार कुछ क्षेत्रों में पुनः बिना रबर टायर लगाए लोहे के दोहरे पिंजरे वाले ट्रैक्टरों का सड़कों पर उपयोग किया जा रहा है। इससे सड़कों की सतह को नुकसान पहुंच रहा है और साथ ही माननीय उच्च न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत शपथ-पत्र की भावना का भी उल्लंघन हो रहा है।
इन्हीं तथ्यों को ध्यान में रखते हुए प्रमुख अभियंता ने परिवहन विभाग से अनुरोध किया है कि राज्य के सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारियों को निर्देश जारी कर बिना रबर टायर वाले दोहरे पिंजरे (आयरन केजव्हील) युक्त ट्रैक्टरों के सड़क संचालन पर तत्काल प्रतिबंध लगाया जाए तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।