मानसून की दमदार वापसी, झमाझम बारिश से खिले किसानों के चेहरे

चारामा। भीषण गर्मी, उमस और पिछले एक हफ्ते के लंबे इंतजार के बाद आखिरकार मानसून ने फिर करवट ली है। बीते 10 दिनों से रूकी बारिश के बाद सोमवार को हुई झमाझम बरसात ने लोगों को बड़ी राहत दी है। इस बारिश से जहां आम जनता को गर्मी से निजात मिली है, वहीं खेतों में बुवाई का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरों पर एक बार फिर रौनक लौट आई है।

गौरतलब है कि छत्तीसगढ़ के दक्षिणी क्षेत्र में मानसून का प्रवेश 23-24 जून के आसपास माना जाता है, लेकिन चारामा क्षेत्र में बीते 10 जून को ही पहली बारिश दर्ज कर ली गई थी। शुरुआती दौर में यहां लगभग 20 मिलीमीटर वर्षा हुई थी और उसके एक-दो दिन बाद तक हल्की-फुल्की फुहारें पड़ती रहीं, जिससे क्षेत्र में कुल 39 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की जा चुकी थी। लेकिन इसके बाद मौसम ने अचानक पलटी मारी और पिछले एक सप्ताह से बारिश पूरी तरह थम गई थी। बारिश बंद होने से पारा लगातार चढ़ रहा था। शुरुआती बारिश से जो धरती गीली हुई थी, वह पूरी तरह सूख चुकी थी और पेड़-पौधे भी मुरझाने लगे थे। दिन में आसमान साफ होने के कारण कड़क धूप निकलती थी, जिससे उमस असहनीय हो गई थी। हालांकि, रोज शाम को काले बादल घिरते थे और ठंडी हवाएं भी चलती थीं, लेकिन पानी नहीं बरसने से लोगों की उम्मीदें टूट रही थीं। कई लोग तो यह आशंका भी जताने लगे थे कि इस साल सूखा पड़ सकता है या बारिश कम होगी।

सोमवार (22 जून) को भी दिनभर तेज धूप और भारी उमस का दौर जारी रहा। लेकिन शाम करीब 5:00 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदला। आसमान में काले-घने बादल छा गए और शाम 5:30 बजे से गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। देखते ही देखते करीब दो घंटे तक जमकर पानी बरसा। इस झमाझम बारिश ने सूखी धरती को दोबारा नया जीवन दे दिया है।

मौसम विभाग के शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, सोमवार को हुई इस बारिश में लगभग 20 मिलीमीटर से अधिक पानी गिरा है, हालांकि इसके सटीक आंकड़े 23 जून को सामने आएंगे। राहत की बात यह है कि आंकड़ों के लिहाज से यह साल पिछले वर्ष की तुलना में अब तक बेहतर साबित हो रहा है। जहां बीते वर्ष इस अवधि तक केवल 33 मिलीमीटर वर्षा हुई थी, वहीं इस साल 21 जून तक ही 39 मिलीमीटर बारिश दर्ज हो चुकी थी और अब सोमवार की बारिश ने इस आंकड़े को और मजबूत कर दिया है।

इस बारिश का सबसे ज्यादा फायदा क्षेत्र के अन्नदाताओं को हुआ है। किसान पिछले एक हफ्ते से खाद और बीज तैयार रखकर सिर्फ इस बात का इंतजार कर रहे थे कि कब अच्छी बारिश हो और वे बुवाई का काम शुरू करें। लगातार देरी से उनके माथे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा रही थीं। लेकिन सोमवार की इस धमाकेदार बारिश ने किसानों की सारी चिंताएं धो डाली हैं। अब किसान बेहद खुश हैं और मंगलवार से खेतों में बुवाई का काम पूरी शिद्दत के साथ शुरू करने जा रहे हैं।

अनूप कुमार वर्मा (चारामा)

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