0 1000-1000 रुपए अर्थदंड 0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली : सरायपाली न्यायालय में पास्को एक्ट के विशेष न्यायधीश द्वारा महिलाओं की सुरक्षा को गंभीरता से लेते हुवे एक नाबालिक लड़की से छेड़छाड़ के आरोप का दोषी पाते हुवे दो आरोपियों क्रमशः सरजू उर्फ सूरज भोई तथा रमेश भोई को 3-3 वर्षों का सश्रम कारावास व 1000-1000रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है ।
इस संबंध में पास्को प्रकरण के विशेष लोक अभियोजक वन स्वरूप सेन ने जानकारी देते हुवे बताया कि विगत 27/11/2024 को पीड़ित युवती के साथ दो लड़कों क्रमशः सरजू उर्फ सूरज भोई तथा रमेश भोई पिता बुडी भोई द्वारा सरेआम अश्लील हरकत व छेड़छाड़ की गई । पीड़िता के भाई द्वारा जब इसका विरोध किया गया तो उसे भी डंडो से मारपीट कर गाली गलौच की गई ।

पीड़िता की शिकायत पर बसना थाने में पास्को एक्ट की धारा 08 , 74, 296 तथा 115(2) के तहत मामला पंजीबद्ध कर जांच की गई । जांच उपरांत पुलिस द्वारा विगत 2/4/2026 को विशेष न्यायालय में अभियोजन पत्र प्रस्तुत किया गया ।
व आज विशेष न्यायधीश (पास्को एक्ट ) वंदना दीपक देवांगन द्वारा फैसला सुनते हुवे कहा गया कि दण्ड विधि का उद्देश्य न केवल अपराधी को दण्डित करना है अपितु संविधान द्वारा निर्मित विधि के प्रति समाज में आस्था को अक्षुण्ण बनाए रखना है तथा दंड के माध्यम से समाज में अपराध के पुनरावृत्ति को कड़ाई से रोकना भी है व दण्ड के माध्यम से अपराधी को अपराध से विमुख करना भी है।
अतः अपराध की प्रकृति एवं गंभीरता तथा प्रकरण की परिस्थितियों को देखते हुए प्रस्तुत मामले में अभियुक्तगण के द्वारा किये गये अपराध की प्रकृति को दृष्टिगत रखते हुये अभियुक्तगण को धारा 08 लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम 2012 के आरोप में 03-03 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा एवं 5,000-5,000/- (पॉच पांच हजार रूपये) के अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है, अभियुक्तगण के द्वारा अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर अभियुक्तगण को 03 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगतायी जावे एवं धारा 115 (2) भारतीय न्याय संहिता के आरोप में 01-01 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा एवं 1,000-1,000/- (एक एक हजार रूपये) के अर्थदण्ड से दण्डित किया जाता है, अभियुक्तगण के द्वारा अर्थदण्ड की राशि अदा नहीं करने पर अभियुक्तगण को 01-01 माह के अतिरिक्त सश्रम कारावास की सजा भुगताने का आदेश दिया गया ।