0 अनेक लोगों द्वारा अतिक्रमण कर जल ग्रहण क्षमता को किया है प्रभावित 0
0अनेक लोगों ने किया तालाबों की जमीनों पर कब्जा0
दिलीप गुप्ता
सरायपाली : नगर के अनेकों तालाबों को भूमाफियाओं व जनप्रतिनिधियों के संरक्षण में अनेक लोगों द्वारा अतिक्रमण कर लिया गया है । वहीं झिलमिला के पाणिग्रही घर के पास स्थित शासकीय डाबरी को भी लगभग पाट दिया गया है । आने वाले समय में इसका उपयोग पीछे बनने वाले जमीन मालिकों को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से एक जनप्रतिनिधि के संरक्षण में तालाब को लगभग पाट दिया गया है । तालाबो के संरक्षण व तालाबों में हो रहे अतिक्रमण को ध्यान में रखते हुवे नगर के एक कार्यकर्ता द्वारा सरायपाली एसडीएम को जन शिकायत निवारण शिविर में एक आवेदन प्रस्तुत किया गया है ।तथांग की गई है कि तालाबों में किए जा रहे अतिक्रमण से सुरक्षित रखे जाने हेतु नगर के सभी तालाबों का सीमांकन किया जाए ।

इस संबंध में शिकायत कर्ता बजरंग लाल सेन द्वारा एसडीएम को दी गई शिकायत पत्र में कहा गया है कि नगरपालिका क्षेत्र में बस्ती सरायपाली स्थित बड़ा तालाब , जोगी तालाब , पाणिग्रही डबरी के साथ ही अन्य शासकीय तालावो व डबरी का अनेक भूमाफियों द्वारा अतिक्रमण कर कब्जा कर लिया गया है । जिससे तालाबों की जल ग्रहण क्षमता भी काफी कम हो गई है जिनकी वजहों से मगर का पानी लेबल भी काफी नीचे चला गया है । इसी वजह से नगर में पेयजल व निस्तारी की समय बरकरार है । पत्र में सभी तालाबों व डबरियों का सीमांकन करते हुए अतिक्रमण किए गए जमीनों को अतिक्रमणकारियों से मुक्तबकराए जाने व जमीनों को सुरक्षित रखे जाने की मांग की गई है ।

पत्र में नगरपालिका के मंदिर तालाब (बड़े तालाब )के नाम से खसरा नंवर 801 रकबा 8. 8080 है. दर्ज है ,इसी प्रकार पतेरापाली प.ह. नं. 54 में खसरा नंवर 107 रकबा 7.18 है. शासकीय भुमि के रूप मे दर्ज है । जिस पर भूमाफियों के द्वारा अतिक्रमण कर निमाण कार्य धड़ल्ले से की जा रही है इसके अलावा सरायपाली में स्थित कई शासकीय डवरी पर अतिक्रमण एवं निर्माण हो चुका है । इसी तरह महल पारा स्थित बांध में 2 लाख वर्गफीट से अधिक बांध की जमीनों पे कावलबजा कर धड़ाधड़ मकान बनाकर अतिक्रमण कर लिया गया है । यहां 200 से अधिक लोगों ने कब्जा के बांध के जल ग्रहण क्षमता को बुरी तरह प्रभावित कर दिया गया है। यदि समय रहते इन दोनों तालाबों के सीमाओं का सीमांकन कर भू माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्यवाही नहीं की गई तो लोगों को निस्तारी के लिये पानी नसीब नहीं होगा । एक और सरकार लाखों करोड़ो रुपए खर्च कर तालाबो का निर्माण कर रही है वो उन्हें संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है तो वहीं दूसरी ओर नगरपालिका के लापरवाही के कारण तालाबों को अतिक्रमण कर पाटा जा रहा है । इन तालाबों पर हो रहे धड़ल्ले से हो रहे अतिक्रमण की जांच कर इन्हें अतिक्रमण कारियों से मुक्त किए जाने की मांग की गई है ।
ज्ञातव्य हो कि नगर के सभी बाँधो , तालाबों , डाबरिया व जल श्रोतों पर किए गए अतिक्रमण को लेकर ” आज की जनधारा ” द्वारा लगातार समाचार प्रकाशन कर प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराया जाता रहा है ।