नई दिल्ली। भारतीय शेयर बाजार में शुक्रवार को कारोबार की शुरुआत भारी गिरावट के साथ हुई। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन निवेशकों का सेंटीमेंट कमजोर नजर आया, जिसका असर प्रमुख सूचकांकों पर साफ दिखा। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 800 अंक से ज्यादा टूट गया, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी भी 24 हजार के अहम स्तर के नीचे पहुंच गया।
बाजार खुलते ही बिकवाली का दबाव बढ़ गया। बीएसई सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,409 अंक के मुकाबले 76,852 पर खुला। कुछ ही मिनटों में गिरावट और तेज हुई तथा सूचकांक 76,605 अंक तक फिसल गया। यानी सेंसेक्स में 804 अंकों से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, निफ्टी 50 भी दबाव में दिखाई दिया। गुरुवार को 24,168 पर बंद हुआ निफ्टी शुक्रवार सुबह 23,991 पर खुला और बाद में 23,939 अंक तक पहुंच गया। इससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई है।
आईटी और टेक शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव
शुक्रवार की गिरावट में सबसे ज्यादा असर आईटी और टेक सेक्टर पर देखने को मिला। Infosys, TCS, Tech Mahindra और HCL Technologies जैसे बड़े शेयरों में शुरुआती कारोबार से ही तेज बिकवाली रही। निवेशकों ने इन शेयरों में मुनाफावसूली की, जिससे पूरे सेक्टर पर दबाव बना।
मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेत और विदेशी निवेशकों की सतर्कता के कारण घरेलू बाजार पर असर पड़ा है। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय आर्थिक परिस्थितियों और ब्याज दरों को लेकर बनी अनिश्चितता भी निवेशकों के फैसलों को प्रभावित कर रही है।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
विशेषज्ञों का मानना है कि बाजार में फिलहाल उतार-चढ़ाव का दौर जारी रह सकता है। ऐसे समय में निवेशकों को जल्दबाजी में निर्णय लेने से बचना चाहिए। लंबी अवधि के निवेशक मजबूत कंपनियों पर फोकस बनाए रखें और बाजार की चाल पर नजर रखें।
शुक्रवार की शुरुआत ने साफ संकेत दिया है कि बाजार अभी भी वैश्विक घटनाक्रमों और निवेशकों की धारणा के प्रति बेहद संवेदनशील बना हुआ है। आने वाले कारोबारी घंटों में बाजार की दिशा पर सभी की नजर रहेगी।