संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (प्रीलिम्स) 2026 को लेकर सोशल मीडिया और राजनैतिक गलियारों में चल रहा विवाद अब शांत होता नजर आ रहा है। कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) द्वारा लगाए गए पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों को केंद्र सरकार ने पूरी तरह खारिज कर दिया है। सरकार की आधिकारिक एजेंसी प्रेस इंफॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) ने इस मामले का फैक्ट चेक (Fact Check) करते हुए इन दावों को ‘100 फीसदी फर्जी’ और बेबुनियाद करार दिया है। वहीं, विवादों में आए निजी कोचिंग संस्थान ने भी इस पर अपनी सफाई पेश की है।
NSUI ने लगाया था 82 सवाल मैच होने का आरोप
यह पूरा विवाद मंगलवार दोपहर को तब शुरू हुआ जब NSUI के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस और सोशल मीडिया के जरिए सनसनीखेज दावा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 के पेपर में पूछे गए 100 सवालों में से 82 सवाल हूबहू एक निजी कोचिंग संस्थान के स्टडी मटीरियल से मेल खाते हैं। उन्होंने इसे एक बड़े पेपर लीक और धांधली का संकेत बताते हुए परीक्षा की शुचिता पर सवाल खड़े किए थे।

UPSC ने कहा: देश भर के जाने-माने एक्सपर्ट तैयार करते हैं पेपर
इन गंभीर आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए PIB ने यूपीएससी का पक्ष सामने रखा है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यूपीएससी परीक्षाओं के प्रश्न पत्र बेहद गोपनीय और सुरक्षित माहौल में देश भर के जाने-माने विषय विशेषज्ञों (Subject Experts) द्वारा तैयार किए जाते हैं।
आयोग ने अपने बयान में कहा:
“यह विशेषज्ञ पैनल परीक्षा प्रक्रिया के कड़े मानकों, उद्देश्यों और आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर ही प्रश्न पत्र तैयार करता है। इस पूरी प्रक्रिया का मूल उद्देश्य देश के विभिन्न शैक्षणिक, सामाजिक और क्षेत्रीय पृष्ठभूमि से आने वाले सभी उम्मीदवारों को समान और निष्पक्ष अवसर प्रदान करना है। इसमें किसी भी प्रकार की धांधली या लीक की गुंजाइश नहीं होती।”
कोचिंग संस्थान की सफाई: एक्सपर्ट्स ने खोला ‘बैकडेट ऑनलाइन ट्रिक’ का राज
आरोपों के घेरे में आए निजी कोचिंग संस्थान ‘अनंतम IAS’ ने भी तुरंत एक आधिकारिक बयान जारी कर पेपर लीक के दावों को सिरे से खारिज कर दिया। संस्थान ने साफ किया कि परीक्षा खत्म होने और प्रश्न पत्र के सार्वजनिक रूप से उपलब्ध होने के बाद ही उन्होंने अपने प्लेटफॉर्म पर आंसर-की (Answer Key) और कस्टमाइज्ड मटीरियल अपलोड किया था।
वहीं, डिजिटल और साइबर एक्सपर्ट्स ने इस पूरे विवाद के पीछे की तकनीकी सच्चाई को उजागर किया है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, यह कोई पेपर लीक नहीं बल्कि एक एसईओ ट्रिक (SEO – Search Engine Optimization Trick) है। आशंका जताई जा रही है कि परीक्षा खत्म होने के बाद कोचिंग संस्थान ने अपनी वेबसाइट पर पुराने स्टडी मटीरियल के ऑनलाइन कंटेंट को एडिट (संशोधित) कर दिया और उसमें परीक्षा के असली सवाल शामिल कर दिए। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर यह एडिटेड कंटेंट बैकडेट (पुरानी तारीख) में दिखाई देने लगा, जिससे आम लोगों और छात्र संगठन को यह भ्रम हो गया कि यह मटीरियल परीक्षा से पहले ही तैयार था।
सरकार और विशेषज्ञों के इस खुलासे के बाद अब यह साफ हो गया है कि यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 की परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से संपन्न हुई है और लीक की खबरें महज एक तकनीकी भ्रम और अफवाह थीं।