यूपीएससी प्रीलिम्स 2026 के रिजल्ट के बाद खड़ा हुआ नया विवाद, पेपर लीक की आशंका जताते हुए जांच की मांग

संघ लोक सेवा आयोग यानी यूपीएससी की सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा 2026 का परिणाम सोमवार रात को जारी कर दिया गया है। रिजल्ट आते ही इस बेहद प्रतिष्ठित परीक्षा को लेकर देश में एक नया विवाद शुरू हो गया है। कांग्रेस के छात्र संगठन नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया यानी एनएसयूआई ने इस परीक्षा में बड़ी गड़बड़ी और पेपर लीक होने की आशंका जताई है। छात्र संगठन का दावा है कि परीक्षा में आए 100 में से 82 सवाल हूबहू एक प्राइवेट कोचिंग संस्थान के स्टडी मैटेरियल से मैच कर रहे हैं। इस गंभीर आरोप के बाद देश के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।

एक ही प्राइवेट कोचिंग के नोट्स से आए 82 सवाल, एनएसयूआई ने उठाए सवाल

एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक वीडियो शेयर करते हुए इस पूरे मामले का खुलासा किया है। उन्होंने बताया कि 24 मई को हुई प्रारंभिक परीक्षा में शामिल हुए कई छात्र उनके दफ्तर पहुंचे थे और उन्होंने पेपर लीक होने का शक जताया है। जाखड़ के मुताबिक, परीक्षा में पूछे गए 82 सवाल ‘अनंतम आईएएस’ नाम की एक प्राइवेट कोचिंग के नोट्स से मिलते-जुलते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि इन सवालों की भाषा और पूछने का तरीका भी बिल्कुल वैसा ही है जैसा कोचिंग के मैटेरियल में था। छात्र संगठन का कहना है कि यह कोई इत्तफाक नहीं हो सकता, बल्कि इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।

परीक्षा के बाद स्टडी मैटेरियल की तारीखें बदलने का आरोप

इस मामले में एनएसयूआई ने प्राइवेट कोचिंग संस्थान और परीक्षा कराने वाली व्यवस्था के बीच मिलीभगत होने का भी संगीन आरोप लगाया है। छात्र संगठन के अध्यक्ष का कहना है कि परीक्षा खत्म होने के बाद उक्त कोचिंग संस्थान ने अपने ऑनलाइन स्टडी मैटेरियल और फाइलों में कुछ बदलाव किए हैं। आरोप है कि मैटेरियल को पुराना दिखाने के लिए उसकी अपलोडिंग डेट यानी तारीखों में भी हेरफेर की गई है। इस खुलासे के बाद परीक्षा की गोपनीयता और कोचिंग सेंटरों की भूमिका पर उंगलियां उठने लगी हैं।

निष्पक्ष जांच के लिए यूपीएससी को लिखा पत्र, आयोग की चुप्पी बरकार

नीट परीक्षा को लेकर देश में पहले से ही मचे घमासान के बीच अब यूपीएससी परीक्षा पर उठे इन सवालों ने छात्रों की चिंता बढ़ा दी है। एनएसयूआई ने इस पूरे मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराने की मांग को लेकर यूपीएससी को एक आधिकारिक पत्र भी लिखा है। देश के लाखों युवाओं का भरोसा इस परीक्षा पर टिका होता है, ऐसे में छात्र संगठन ने आयोग से तुरंत इस पर स्थिति साफ करने को कहा है। हालांकि, इस पूरे विवाद और आरोपों पर अभी तक संघ लोक सेवा आयोग की तरफ से कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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