देश में मानसून की रफ्तार तेज: ओडिशा-झारखंड पहुंचा मानसून, अगले 3 दिनों में छत्तीसगढ़ और यूपी में देगा दस्तक, 22 राज्यों में अलर्ट

देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। मानसून अपनी तय रफ्तार से आगे की तरफ कदम बढ़ा रहा है। शुक्रवार को मानसून ने झारखंड और ओडिशा के कुछ हिस्सों में अपनी जोरदार दस्तक दे दी है। हालांकि, महाराष्ट्र के इलाकों में इसकी रफ्तार अभी थोड़ी धीमी बनी हुई है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले 3 दिनों के भीतर मानसून छत्तीसगढ़ और उत्तर प्रदेश के बाकी हिस्सों में भी प्रवेश कर जाएगा। 4 जून को केरल में कदम रखने के बाद मानसून महज 9 दिनों के भीतर देश के 19 राज्यों को कवर कर चुका है।

गुजरात छोड़ पूरे देश में प्री-मानसून सक्रिय

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, इस समय गुजरात राज्य को छोड़ दिया जाए तो देश के बाकी सभी राज्यों में मानसून आने से पहले की बारिश यानी प्री-मानसून पूरी तरह एक्टिव हो चुका है। मौसम विभाग ने आज मध्य प्रदेश और राजस्थान सहित देश के 22 राज्यों में आंधी-तूफान और भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान कई मैदानी इलाकों में 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की आशंका है। दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में भी कल रात चली 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज आंधी से लोगों को भीषण गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

आंधी-बारिश और बिजली गिरने से कई मौतें

मौसम का यह बदला हुआ रूप राहत के साथ-साथ आफत भी लेकर आया है। मध्य प्रदेश के श्योपुर जिले में आज आई तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के कारण हुए हादसों में एक ही परिवार के 3 सदस्यों समेत कुल 4 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। वहीं दूसरी तरफ, बिहार में भी मौसम ने भारी तबाही मचाई है। गुरुवार को बिहार के 12 जिलों में तेज आंधी-पानी के बीच बिजली गिरने (आकाशीय बिजली) के कारण 10 लोगों की जान चली गई।

कहीं धूल भरी आंधी तो कहीं लू का प्रकोप

मौसम विभाग ने जिन 22 राज्यों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, उनमें मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और पंजाब मुख्य रूप से शामिल हैं। राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में आज जबरदस्त धूल भरी आंधी चलने की आशंका है। इसके विपरीत, दक्षिण और मध्य भारत के कुछ हिस्सों जैसे तेलंगाना, विदर्भ और आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों में अभी भी हीटवेव यानी लू का अलर्ट जारी है, जहां दिन का पारा 40 से 45 डिग्री सेल्सियस के बीच बने रहने की उम्मीद है।

प्रशांत महासागर में अल नीनो हुआ सक्रिय, वैज्ञानिकों ने की पुष्टि

इसी बीच मौसम और पर्यावरण को लेकर एक बड़ी वैश्विक खबर भी आ रही है। अमेरिका की मौसम एजेंसी नेशनल ओशनिक एंड एटमॉस्फेरिक एडमिनिस्ट्रेशन (NOAA) ने प्रशांत महासागर में ‘अल नीनो’ के शुरू होने की आधिकारिक पुष्टि कर दी है। आसान भाषा में समझें तो अल नीनो समुद्री हवाओं और पानी के गर्म होने की एक ऐसी प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसका सीधा असर दुनिया भर के मानसून और बारिश पर पड़ता है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस बार का अल नीनो साल 1997 में आए रिकॉर्ड तोड़ अल नीनो जितना या उससे भी कहीं ज्यादा शक्तिशाली हो सकता है, जिससे आने वाले दिनों में वैश्विक मौसम में बड़े उलटफेर देखने को मिल सकते हैं।

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