रायपुर। छत्तीसगढ़ में मानसून की एंट्री का इंतजार अब जल्द खत्म हो सकता है। मौसम विभाग ने संकेत दिए हैं कि 11 जून से प्रदेश में बारिश की गतिविधियां तेज हो सकती हैं। मंगलवार को कई इलाकों में बादल गरजे, तेज हवाएं चलीं और हल्की बारिश दर्ज की गई। वहीं राजधानी रायपुर में देर रात हुई बूंदाबांदी के बाद उमस बढ़ गई, जिससे लोगों को गर्मी से राहत नहीं मिल सकी।
मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार को प्रदेश के कुछ हिस्सों में हल्की बारिश हुई। शंकरगढ़, मंदिर हसौद और खरोरा में 1-1 सेंटीमीटर वर्षा दर्ज की गई। वहीं राजनांदगांव प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। सबसे कम न्यूनतम तापमान 23.4 डिग्री सेल्सियस अंबिकापुर में दर्ज हुआ।
मौसम वैज्ञानिकों ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश और आसपास के क्षेत्रों में ऊपरी वायु चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। इसके अलावा पंजाब से बिहार तक एक द्रोणिका बनी हुई है, जिसका असर छत्तीसगढ़ के मौसम पर भी देखने को मिल रहा है।
कई जिलों में यलो अलर्ट
मौसम विभाग ने प्रदेश के कई जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। राजनांदगांव, जांजगीर-चांपा, रायगढ़, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही, बेमेतरा, कबीरधाम, मुंगेली, सरगुजा, सूरजपुर, कोरिया और बलरामपुर में गरज-चमक के साथ बारिश, तेज हवाएं और बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
रायपुर में मौसम का मिजाज
राजधानी रायपुर में बुधवार को आसमान में बादल छाए रहने के आसार हैं। मौसम विभाग के मुताबिक अधिकतम तापमान 39 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है। तापमान में हल्की गिरावट से लोगों को कुछ राहत मिलने की उम्मीद है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में दक्षिण-पश्चिम मानसून की रफ्तार और बढ़ेगी। यदि परिस्थितियां अनुकूल रहीं तो प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश देखने को मिल सकती है। किसानों और आम लोगों की नजर अब मानसून की आधिकारिक एंट्री पर टिकी हुई है।