दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के दंतेवाड़ा जिले से सुरक्षाबलों के हक में एक और बड़ी कामयाबी की खबर आ रही है। जिले के बारसूर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले तोड़मा गांव के घने जंगलों में जवानों ने सर्च ऑपरेशन चलाकर तीन घातक आईईडी बम बरामद किए हैं। नक्सलियों ने सुरक्षाबलों को बड़ा नुकसान पहुंचाने के मकसद से इन्हें छिपाकर रखा था। इसके साथ ही मौके से भारी मात्रा में विस्फोटक, हथियार बनाने का सामान, नक्सलियों की वर्दी और नक्सली साहित्य भी बरामद हुआ है।
खुफिया इनपुट पर पुलिस और सीआरपीएफ ने मिलकर की घेराबंदी
सुरक्षाबलों को गोपनीय सूत्रों से खबर मिली थी कि तोड़मा के जंगलों में नक्सलियों ने भारी मात्रा में हथियार, आईईडी बम और पैसे छिपाकर रखे हुए हैं। इस खुफिया इनपुट के आधार पर शनिवार को सीआरपीएफ की 195वीं वाहिनी और दंतेवाड़ा जिला पुलिस बल ने मिलकर एक संयुक्त सर्चिंग अभियान शुरू किया। जवान पूरी मुस्तैदी के साथ घने जंगलों के भीतर दाखिल हुए और इलाके की घेराबंदी की।
जमीन के नीचे दबे मिले दो प्रेशर कुकर बम और एक पाइप बम
जंगलों में सर्चिंग के दौरान रविवार सुबह जवानों को कुछ संदिग्ध चीजें दिखाई दीं। जवानों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत बम डिस्पोजल स्क्वाड यानी बीडीएस टीम को मौके पर बुलाया। जब उस जगह की बारीकी से जांच की गई तो वहां से दो प्रेशर कुकर आईईडी और एक शक्तिशाली पाइप बम बरामद हुआ। बीडीएस की एक्सपर्ट टीम ने सूझबूझ का परिचय देते हुए तीनों खतरनाक बमों को जंगल के भीतर ही सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर दिया।
बड़ी मात्रा में नक्सली सामान भी जवानों के हत्थे चढ़ा
बमों को निष्क्रिय करने के बाद जवानों ने जब आसपास के इलाके की गहराई से तलाशी ली तो वहां नक्सलियों का एक बड़ा डंप मिला। इस ठिकाने से नक्सलियों द्वारा छिपाकर रखे गए कई डेटोनेटर, वायरलेस सेट, विस्फोटक सामग्रियां, हथियार बनाने के औजार, भारी मात्रा में नक्सली वर्दी और उनकी विचारधारा से जुड़ी किताबें और साहित्य जब्त किया गया। इस बड़े ऑपरेशन को सफलता से पूरा करने के बाद सभी जवान अपने बेस कैंप सुरक्षित लौट आए हैं।