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मुंबई, खेल डेस्क: क्रिकेट फैंस के बीच इस समय भारतीय टी20 टीम को लेकर एक बड़ी चर्चा छिड़ी हुई है। आईपीएल 2026 में अपने बल्ले से कोहराम मचाने वाले स्टार बल्लेबाज शुभमन गिल को आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए भारतीय टी20 टीम में जगह नहीं मिली है। गुजरात टाइटन्स के कप्तान शुभमन गिल ने इस हालिया आईपीएल सीजन में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 732 रन ठोके थे। इतने बड़े रिकॉर्ड के बाद हर कोई मानकर चल रहा था कि उनकी टी20 टीम में वापसी बिल्कुल पक्की है। लेकिन जब चयनकर्ताओं ने टीम का एलान किया, तो कहानी कुछ और ही निकली। अब इस चौंकाने वाले फैसले के पीछे की असली और बहुत बड़ी वजह सामने आ गई है।
बीसीसीआई की लंबी प्लानिंग: टेस्ट और वनडे पर रहेगा पूरा फोकस
समाचार एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय क्रिकेट नियंत्रण बोर्ड यानी बीसीसीआई और सिलेक्शन कमेटी ने शुभमन गिल के करियर को लेकर एक बहुत बड़ी रणनीति तैयार की है। इस खास प्लान के तहत शुभमन गिल को फिलहाल टी20 क्रिकेट के फटाफट फॉर्मेट से थोड़ा दूर रखने का फैसला किया गया है। बोर्ड चाहता है कि गिल इस समय अपना पूरा ध्यान और ऊर्जा टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर लगाएं।
भारतीय टीम का शेड्यूल है बेहद टाइट, वर्कलोड कम करना जरूरी
आपको बता दें कि शुभमन गिल इस समय भारतीय टेस्ट और वनडे टीम के कप्तान की बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आने वाले डेढ़ साल के भीतर टीम इंडिया को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप के तहत नौ बेहद जरूरी मैच खेलने हैं। इसके अलावा साल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप से पहले भारतीय टीम को करीब 35 वनडे मुकाबले भी खेलने हैं। ऐसे में चयनकर्ता बिल्कुल नहीं चाहते कि शुभमन गिल तीनों फॉर्मेट लगातार खेलते हुए शारीरिक या मानसिक थकान का शिकार हो जाएं। टीम मैनेजमेंट का साफ मानना है कि गिल का पूरी तरह फिट और फ्रेश रहना भारत की बड़ी जीतों के लिए सबसे जरूरी है।
डब्ल्यूटीसी फाइनल और 2027 का वनडे विश्व कप है असली मिशन
बीसीसीआई के सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक चयनकर्ता शुभमन गिल पर जरूरत से ज्यादा मैचों का बोझ नहीं डालना चाहते हैं। अगले दो सालों में भारतीय क्रिकेट के सामने दो सबसे बड़े लक्ष्य हैं, पहला विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप का फाइनल और दूसरा 2027 का वनडे वर्ल्ड कप। डब्ल्यूटीसी फाइनल की दौड़ में बने रहने के लिए भारत को अपने बचे हुए नौ टेस्ट मैचों में से कम से कम सात मैच हर हाल में जीतने होंगे। यानी आने वाले महीनों में शुभमन गिल पर बतौर बल्लेबाज और कप्तान बहुत बड़ा दबाव रहने वाला है। यही कारण है कि सिलेक्टर्स चाहते हैं कि उनका पूरा फोकस अभी सिर्फ रेड बॉल क्रिकेट पर ही टिका रहे।
वनडे में टीम इंडिया का भविष्य हैं शुभमन गिल
बीसीसीआई की नजरें सिर्फ टेस्ट क्रिकेट पर ही नहीं टिकी हैं। साल 2027 में होने वाले वनडे विश्व कप को भारतीय क्रिकेट का इस समय सबसे बड़ा मिशन माना जा रहा है। पिछले कुछ सालों का रिकॉर्ड देखें तो वनडे क्रिकेट में शुभमन गिल का प्रदर्शन बेहद लाजवाब रहा है। उन्हें भारतीय बैटिंग लाइनअप का भविष्य का चेहरा माना जाता है। यही वजह है कि बोर्ड उनके वर्कलोड मैनेजमेंट की रणनीति पर काम कर रहा है ताकि वे लंबे समय तक बिना चोटिल हुए देश के लिए खेल सकें।
टी20 के दरवाजे हमेशा के लिए बंद नहीं, भविष्य में हो सकती है वापसी
हालांकि इस रिपोर्ट में यह बात भी पूरी तरह से साफ कर दी गई है कि शुभमन गिल के लिए टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट के दरवाजे हमेशा के लिए बंद नहीं हुए हैं। बीसीसीआई का मानना है कि साल 2028 में होने वाला टी20 विश्व कप और लॉस एंजेलिस ओलंपिक अभी काफी दूर हैं। इसलिए फिलहाल प्राथमिकता सिर्फ टेस्ट और वनडे को दी जा रही है। दो साल बाद कौन सा खिलाड़ी किस फॉर्म और फिटनेस में होगा, यह आज कोई नहीं बता सकता। इसलिए फिलहाल की योजना सिर्फ 2027 के वनडे विश्व कप तक के लिए बनाई गई है, इसके बाद आगे के हालात देखकर नए फैसले लिए जाएंगे।