गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही. कोटमी के मशहूर सराफा कारोबारी प्रदीप सोनी की सनसनीखेज हत्या के मामले में पेंड्रा पुलिस और साइबर सेल को एक बड़ी कामयाबी मिली है। मृतक प्रदीप सोनी के भाई को व्हाट्सएप पर धमकी भरा मैसेज भेजकर हत्या की जिम्मेदारी लेने वाले आरोपी प्रियांशु सिंह को पुलिस ने अंबिकापुर से दबोच लिया है। छब्बीस साल का यह आरोपी मैसेज भेजकर पूरे परिवार को डरा रहा था। पुलिस ने पेंड्रा थाने में एफआईआर दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहाँ से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
छोटे भाई के मोबाइल पर आया था खौफनाक मैसेज सराफा व्यापारी प्रदीप सोनी की हत्या के बाद उनके छोटे भाई मनोज सोनी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से व्हाट्सएप मैसेज आया था। इस मैसेज में भेजने वाले ने कबूला था कि प्रदीप सोनी को गोली उसने ही मारी है। इतना ही नहीं, आरोपी ने मृतक के बेटे को लेकर भी बेहद आपत्तिजनक और डराने वाली बातें लिखी थीं। मैसेज में साफ लिखा था कि आपको जो करना है कर लेना। हालांकि, इस खौफनाक मैसेज के कुछ ही देर बाद आरोपी ने उसी चैट पर माफी भी मांग ली थी।
साइबर सेल ने ऐसे घेरा तस्कर और आरोपी का नेटवर्क मामला बेहद गंभीर था, इसलिए पेंड्रा पुलिस ने बिना वक्त गंवाए तुरंत केस दर्ज किया। साइबर सेल की टीम ने मोबाइल नंबर को ट्रेसिंग पर डाला। पुलिस ने सीडीआर यानी कॉल डिटेल रिकॉर्ड और लोकेशन की तकनीकी जांच की। इसके बाद पुलिस की टीम सीधे अंबिकापुर पहुंची और आरोपी प्रियांशु सिंह को गिरफ्तार कर लिया। बिलासपुर रेंज के आईजी रामगोपाल गर्ग ने इस गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि की है।
हत्याकांड से सीधा कनेक्शन नहीं, तो क्यों भेजा मैसेज? आईजी रामगोपाल गर्ग ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि शुरुआती पूछताछ में इस युवक का कोटमी सराफा हत्याकांड से सीधे तौर पर कोई कनेक्शन सामने नहीं आया है। इसके बावजूद पुलिस उससे लगातार कड़ी पूछताछ कर रही है। जब आईजी से पूछा गया कि क्या आरोपी युवक मानसिक रूप से बीमार है, तो उन्होंने कहा कि इस पर अभी कुछ नहीं कहा जा सकता। डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही यह साफ होगा। पुलिस अब इस बात की गहराई से जांच कर रही है कि आरोपी ने यह मैसेज सिर्फ पुलिस को भटकाने के लिए भेजा था या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।